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Lawrence Bishnoi Gang : अमेरिका की ICE ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के जगदीप सिंह और जैक पंडित को गिरफ्तार किया, ट्रम्प की सख्त नीति और AGTF की साझेदारी से गैंग की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां घिर गई हैं.

जयपुर. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए अब अमेरिका की सख्त नीति बड़ी मुसीबत बन गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अवैध प्रवासियों को देश से बाहर भेजने की नीति अब लॉरेंस गैंग के गुर्गों पर भारी पड़ रही है. ट्रम्प प्रशासन की इसी नीति के चलते अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम इंफोर्समेंट (ICE) एजेंसी ने लॉरेंस गैंग के कई सदस्यों की धरपकड़ शुरू कर दी है. इस कार्रवाई को भारत की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के लिए एक बड़ी मदद के रूप में देखा जा रहा है.
एफबीआई और इंटरपोल को दी गई थी गैंग की सूची
दरअसल, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने हाल ही में लॉरेंस गैंग के उन सदस्यों की सूची एफबीआई और इंटरपोल के साथ साझा की थी, जो अवैध पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेजों के सहारे अमेरिका में रह रहे हैं. इस सूची में इन गैंगस्टरों के नाम, ठिकाने और उनकी गतिविधियों से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई थी. इसी सूचना के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने छापेमारी शुरू की और एक के बाद एक गैंग के कई सदस्यों को दबोचा जा रहा है.
अमेरिका में खड़ा किया गया था ट्रांसपोर्ट का बिजनेस
सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस गैंग ने अमेरिका समेत कई देशों में ट्रांसपोर्ट का बिजनेस खड़ा किया हुआ है. इस बिजनेस का इस्तेमाल गैंग अपने नेटवर्क को चलाने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए कर रही थी. वहीं, लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई इस समय अमेरिका में है और उसने भारत में जान का खतरा बताकर अमेरिकी अदालत में शरण (Asylum) की याचिका दायर की हुई है.
AGTF ने अनमोल की क्राइम कुंडली सौंपी अमेरिकी एजेंसियों को
हालांकि, AGTF ने अनमोल की पूरी क्राइम कुंडली अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दी है ताकि वह वहां राजनीतिक शरण न ले सके. इस कार्रवाई के बाद संभावना जताई जा रही है कि अनमोल का असाइलम खारिज हो सकता है और उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है. ट्रम्प प्रशासन की सख्त कार्रवाई और भारत की एजेंसियों की सतर्क साझेदारी के बाद अब लॉरेंस गैंग की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर शिकंजा कसता जा रहा है.
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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