नई दिल्ली. भारत का प्रॉपर्टी मार्केट बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. देश के शीर्ष आठ शहरों में चालू कैलेंडर साल की जुलाई-सितंबर की अवधि के दौरान घरों की बिक्री एक फीसदी घटकर 95,547 इकाई रह गई. रियल एस्टेट परामर्श कंपनी प्रॉपटाइगर ने बुधवार को बताया कि यह गिरावट मुख्य रूप से मुंबई, पुणे और दिल्ली-एनसीआर में कम मांग के कारण आई है. प्रॉपटाइगर ने बुधवार को जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए भारत के 8 आवासीय बाजारों के आंकड़े जारी किए हैं.
मुंबई में सबसे ज्यादा गिरावट
आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए ऑरम प्रॉपटेक के कार्यकारी निदेशक ओंकार एस ने कहा कि भारतीय आवास बाजार स्पष्ट रूप से व्यापक स्तर पर मात्रा आधारित सुधार से एक परिपक्व और सतत मूल्य-आधारित वृद्धि के चरण में प्रवेश कर रहा है. आठ शहरों में से मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आवास बिक्री जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान 22 प्रतिशत घटकर 23,334 इकाई रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 30,010 इकाई थी.
अन्य शहरों में भी बिक्री घटी
प्रॉपटाइगर के अनुसार, पुणे में मकानों की बिक्री 18,004 इकाई से 28 प्रतिशत घटकर 12,990 इकाई रह गई है. इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 10,098 इकाई से 21 प्रतिशत घटकर 7,961 इकाई रह गई. अहमदाबाद में भी बिक्री में गिरावट आई जो पिछले साल की 9,352 इकाई से 5 फीसदी घटकर 8,889 इकाई रह गई है.
इन शहरों में बढ़ गई बिक्री
प्रॉपटाइगर के आंकड़ों से पता चला है कि बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता में बिक्री में वृद्धि हुई है. बेंगलुरु में, बिक्री 11,160 इकाई से 18 प्रतिशत बढ़कर 13,124 इकाई हो गई. चेन्नई में बिक्री दोगुना से भी ज्यादा होकर 3,560 से 7,862 इकाइयों पर पहुंच गई है. रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसकी वजह से इसकी बिक्री में गिरावट देखी जा रही है. हालांकि, यह भी अनुमान लगाया कि त्योहारी सीजन होने से अक्टूबर-दिसंबर में मकानों की बिक्री बढ़ सकती है.

