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Munna Shuka News: बबलू श्रीवास्तव हत्याकांड में मुन्ना शुक्ला और सूरजभान सिंह को कोर्ट ने बरी कर दिया है. इसके बावजूद मुन्ना शुक्ला जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे. मुन्ना शुक्ला को ब्रज बिहारी प्रसाद मर्डर केस में उम्रकैद की सजा मिली है.
मुन्ना शुक्ला को बबलू श्रीवास्तव हत्याकांड मामले में बरी कर दिया गया है.Munna Shuka News: बिहार में इन दिनों चुनावी बयार कुछ ज्यादा तेजी से बह रहा है. राजनीतिक दलों ने कई बाहुबलियों को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि कई ने निर्दलीय ही पर्चा दाखिल किया है. इन सब चुनावी गतिविधयों के बीच बिहार में एक और बड़ा घटनाक्रम हुआ है. कुख्यात बबलू श्रीवास्तव हत्याकांड में मुन्ना शुक्ला को कोर्ट ने बरी कर दिया है. इस मामले में एक और आरोपी सूरजभान सिंह को भी बरी कर दिया गया है. अब बड़ा सवाल यह है कि बबलू श्रीवास्तव हत्याकांड में बरी होने के बाद क्या चुनावी समय में मुन्ना शुक्ला जेल से बाहर आ सकेंगे? बता दें कि मुन्ना शुक्ला की बेटी को RJD ने अपना उम्मीदवार बनाया है.
जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे मुन्ना शुक्ला
साल 1998 में बिहार के पूर्व मंत्री ब्रज बिहारी प्रसाद की सनसीनखेज तरीके से हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड ने शासन से लेकर प्रशासन तक को हिलाकर रख दिया था. इस हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2024 को अपना फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला समेत दो अभियुक्तों को दोषी ठहराया है और उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई है. वहीं, पूर्व सांसद सूरज भान सिंह को इस हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया. इस मामले में जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने फैसला सुनाया था. मुन्ना शुक्ला को चूंकि बबलू श्रीवास्तव हत्याकांड मामले में बरी किया गया है, पर ब्रज बिहारी प्रसाद मर्डर केस में वे सजायाफ्ता हैं, इसलिए मुन्ना शुक्ला जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे.
परिजनों ने फैसले को बताया न्याय की जीत
बबलू श्रीवास्तव हत्याकांड में मुन्ना शुक्ला के बरी होने के बाद उनके परिजनों ने कोर्ट के फैसले पर संतोष व्यक्त किया है. परिजनों का कहना है कि मारे गए बंदी बबलू श्रीवास्तव मुन्ना शुक्ला के भाई भुटकुन शुक्ला हत्याकांड का आरोपी था. इस संबंध के आधार पर मुन्ना शुक्ला और सूरजभान सिंह का नाम दुर्भावनापूर्ण तरीके से इस मामले में फंसाया गया था. परिजनों के अनुसार, कोर्ट ने अब न्याय किया है. फैसले के समय मुन्ना शुक्ला और सूरजभान सिंह दोनों अदालत में मौजूद थे. सिविल कोर्ट के एपीपी राजकुमार सिंह ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की पुष्टि की. बिहार की राजनीति के दो बाहुबली नेताओं के लिए यह फैसला कानूनी रूप से एक बड़ी जीत मानी जा रही है.
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु… और पढ़ें

