गुवाहाटी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुवाहाटी में कहा कि जुबिन गर्ग के परिवार और असम के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि सिंगापुर में उनके (जुबिन) साथ क्या हुआ. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली के सांसद ने कहा, “असम सरकार का कर्तव्य है कि वह जुबिन गर्ग की मौत की पारदर्शी जांच करे और उनके परिवार को बताए कि सिंगापुर में वास्तव में क्या हुआ था.”
सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय 19 सितंबर को जुबिन गर्ग की मौत हो गई थी. गुवाहाटी के पास 23 सितंबर को राजकीय सम्मान के साथ जुबिन का अंतिम संस्कार किया गया. असम सरकार ने उनकी मौत के कारणों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है.
राहुल गांधी ने कहा, “मैंने परिवार से बात की और उन्होंने बस एक ही बात कही – हमने अपने जुबिन को खो दिया है और हम बस यही चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए. जुबिन को प्यार करने वाले हम, और गायक को सुनने वाले असम के लोग, जानना चाहते हैं कि आखिर क्या हुआ, क्योंकि वे इस मामले का खुलासा चाहते हैं.”
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि इन परिस्थितियों में असम आना उनके लिए बहुत दुखद है. गांधी ने कहा, “मैंने परिवार से कहा कि मैं बेहतर और खुशहाल माहौल में आना पसंद करता.” कांग्रेस नेता ने कहा कि जब वह 17 साल के थे, तब वह सिक्किम में पर्वतारोहण का कोर्स करने गए थे और “हर दिन जब हम प्रशिक्षण के लिए जाते थे, तो हमारे सामने कंचनजंगा पर्वत होता था और मुझे उस पर्वत की सबसे अच्छी बात यह लगी कि वह ईमानदार, अडिग और सुंदर था.”
राहुल गांधी ने कहा, “आज जब मैं यहां आ रहा था, तो गौरव (गोगोई) ने बताया कि ‘जुबिन जी ने कहा था कि वह कंचनजंगा हैं’ और यह बात मुझे तुरंत समझ में आ गई, क्योंकि उनमें उसी पहाड़ जैसे गुण थे.” गर्ग ने 2019 में आई असमिया फिल्म ‘कंचनजंगा’ में अभिनय और निर्देशन किया था, जो एक ऐसे युवक की कहानी है जो भ्रष्ट व्यवस्था से लड़ता है. फिल्म में उनका संवाद “मैं कंचनजंगा हूं” बेहद लोकप्रिय हुआ था.
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने गर्ग के पिता से कहा कि “उनकी बुद्धिमत्ता और सहयोग ने जुबिन को गढ़ा, जिन्होंने इस अद्भुत राज्य को एक आवाज दी, और हम सभी उन्हें और उनके पूरे परिवार को इस योगदान के लिए धन्यवाद देते हैं, जो न केवल असम के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए है.” लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “मैंने परिवार से कहा कि मैं और कांग्रेस पार्टी हर तरह से उनका सहयोग करने के लिए तैयार हैं. अगर हम कुछ कर सकते हैं, तो हमें मदद करने में खुशी होगी.”
यह पूछे जाने पर कि क्या गायक को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए, राहुल गांधी ने कहा, “मैं विषय से भटकना नहीं चाहता या लोगों को यह बताने से चर्चा को भटकाना नहीं चाहता कि हम जुबिन गर्ग से प्यार करते हैं.” राहुल गांधी ने कहा, “हम उन्हें सम्मानित करना चाहते हैं, लेकिन सबसे पहले, हम पारदर्शिता और न्याय चाहते हैं.”

