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एक-दूसरे से हाथ मिलाते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फाइल फोटो)नई दिल्ली. भारत में अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार रात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और इस दौरान कई जरूरी मुद्दों पर बात हुई, जिसमें सबसे खास है महत्वपूर्ण खनिज के क्षेत्रों में आपसी सहयोग. यह सीधे तौर पर चीन को एक संदेश है कि अगर वह दुर्लभ मृदा खनिज (Rare Earth Minerals) के लिए अपने दरवाजे बंद करता है तो इस मुद्दे को लेकर भारत और अमेरिका साथ आ जाएंगे, जो निश्चित तौर पर ड्रैगन के लिए परेशानी की बात है.
दरअसल, 9 अक्टूबर को चीन ने दुर्लभ खनिज और उनसे जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर और प्रतिबंध लगा दिए. इसके अलावा, वह सेमीकंडक्टर यूजर्स और रिफाइनिंग टेक्नोलॉजी के कई घटकों पर भी अतिरिक्त निगरानी रखेगा. यह कदम इस महीने के अंत में चीनी और अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बीच होने वाली वार्ता से ठीक पहले उठाया गया है. अप्रैल में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन सहित कई व्यापारिक साझेदारों पर भारी शुल्क लगाने की घोषणा के बाद, चीन ने पहले ही सात दुर्लभ तत्वों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिए थे.
चीन के इस कदम के बाद डोनाल्ड ट्रंप के खास माने जाने वाले और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का पीएम मोदी से मिलना बहुत कुछ कहता है. शनिवार की सुबह छह दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे गोर ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत ‘महत्व’ देता है. वार्ता के दौरान रक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण खनिज के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

