Last Updated:
LCA Mk-1A : पाकिस्तान पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट खरीद रहा है. चीन अपने सभी फाइटर को 5वीं पीढ़ी के जेट में बदल रहा है. मौजूदा सुरक्षा के लिहाज से भारतीय वायुसेना 42 फाइटर स्क्वॉड्रन के बजाय सिर्फ 31 से ही काम चला रही है. मिग 21 के दो स्क्वॉड्रन के 26 सितंबर को फेजआउट होने के बाद फाइटर स्क्वॉड्रन की संख्या 29 हो गई है. जो अब तक सबसे कम है. इस कमी को स्वदेशी तेजस से पूरा किया जाना है.
आ गई LCA Mk1A की पहली उड़ान की तारीखLCA Mk-1A : तेजस के एडवांस वर्जन का इंतजार कर रही भारतीय वायुसेना के लिए अच्छी खबर है. पहली बार LCA Mk-1A 17 अक्टूबर को नासिक में उड़ान भरेगा. इस मौके पर खुद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे. तेजस वायुसेना में शामिल होने से पहले कई बार ट्रायल के लिए उड़ान भर चुका है, लेकिन अब वायुसेना में शामिल होने से पहले की पूरी तैयारी हो चुकी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसी दिन नासिक में LCA Mk-1A की तीसरी प्रोडक्शन लाइन और ट्रेनर जेट HTT-40 की दूसरी प्रोडक्शन लाइन का भी उद्घाटन करेंगे.
तेजस के पहले वर्जन के तौर पर 40 तेजस विमानों को भारतीय वायुसेना के लिए लेने का करार हुआ था, जो लगभग पूरा हो चुका है. इसके तहत अब तक दो स्क्वॉड्रन स्थापित किए जा चुके हैं. इसके बाद, साल 2021 में रक्षा मंत्रालय ने 83 तेजस मार्क 1A का ऑर्डर दिया था, जिससे कुल 4 स्क्वॉड्रन बनेंगे. इसके लिए करार पूरा हो गया है और इन सभी 83 विमानों की डिलीवरी अब जल्द शुरू हो जाएगी. इसी डील का पहला तेजस नासिक से उड़ान भरने वाला है.
- 83 एलसीए तेजस मार्क-1A में 73 तेजस मार्क 1A फाइटर एयरक्राफ्ट होंगे जब्कि 10 तेजस मार्क 1 ट्रेनर एयरक्राफ्ट होंगे.
- लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क 1A को भारत में ही डिजाइन, विकसित और निर्मित किया गया है.
- यह आधुनिक 4+ जेनरेशन का फाइटर एयरक्राफ्ट है.
- वायुसेना की जरूरतों के मुताबिक, 5 अतिरिक्त स्क्वॉड्रन के लिए 97 तेजस मार्क 1A के AON (Acceptance of Necessity) को DAC (Defence Acquisition Council) ने 2023 में मंजूरी दे दी थी.
- इसी साल CCS की तरफ से हरी झंडी भी मिली थी.
- सितंबर में ही रक्षामंत्रालय और HAL के बीच डील साइन हो चुकी है.
- 97 तेजस मार्क 1A में 68 फाइटर और 29 ट्रेनर एयरक्राफ्ट होंगे.
- यह पूरी डील 62,370 करोड़ रुपये से अधिक की है.
- तेजस के कुल 11 स्क्वॉड्रन स्थापित किए जाने है.
- इनमे से 2 स्क्वॉड्रन पहले ही स्थापित हो चुके हैं, बाकी 9 स्क्वॉड्रन आने बाकी हैं.
- इसके अलावा, तेजस मार्क 1A का एडवांस वर्जन यानी तेजस मार्क-2 पर भी काम जोर-शोर से जारी है, जो मार्क 1A से ज्यादा मॉडिफाइड होगा.
लंबा इंतजार हो रहा है खत्म
तेजस के इस एडवांस वर्जन का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था. HAL की तरफ से इस बात के संकेत पहले ही दिए गए थे कि अक्टूबर में भारतीय वायुसेना को पहला तेजस मार्क 1A सौंपा जाएगा, लेकिन फिलहाल 17 अक्टूबर को केवल पहली उड़ान होगी, हैंडओवर नहीं. इंजन की देरी की वजह से LCA मार्क 1A का प्रोजेक्ट कुछ समय से धीमा चल रहा था. HAL को अब तक 4 इंजन मिल चुके हैं. जनरल इलेक्ट्रिक ने इस कैलेंडर ईयर में कुल 12 इंजन देने का वादा किया है. सूत्रों के अनुसार, 10 एयरक्राफ्ट तैयार हैं. वायुसेना को सुपुर्द करने से पहले तेजस मार्क 1A का सफल फ्लाइंग ट्रायल भी हो चुका है. इसमें स्वदेशी BVR एयर-टू-एयर मिसाइल ‘अस्त्र’, ASRAAM मिसाइल (एडवांस शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल) और लेजर-गाइडेड बम का ट्रायल किया गया. हालांकि, अब तक इसकी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है. सूत्रों के अनुसार, पहला ट्रायल सफल रहा था, लेकिन दूसरे ट्रायल में कुछ तकनीकी दिक्कतें आई थीं. इसलिए सॉफ़्टवेयर में कुछ बदलाव किए गए और फाइनल टेस्ट किया गया. पूरी तरह से ट्रायल सफल होने के बाद ही विमान वायुसेना को सौंपा जाएगा।
इंजन की डिलीवरी जारी
भारत का फाइटर एयरक्राफ्ट प्रोग्राम अब तक धीमी गति से चल रहा था, लेकिन अब इसमें तेजी आ रही है. HAL को दो साल से जिन इंजनों का इंतजार था, वह अब खत्म हो रहा है. जनरल इलेक्ट्रिक की ओर से इंजन की डिलीवरी शुरू हो चुकी है. अब तक 4 इंजन मिल चुके हैं. अगले कैलेंडर वर्ष से हर साल 20 इंजन देने का वादा किया गया है. भारत के तेजस मार्क 1A प्रोग्राम के लिए इंजन की डील अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के साथ 2021 में हुई थी. इस डील के तहत कुल 99 F404 इंजन की सप्लाई होनी है. GE की ओर से इंजन की डिलीवरी में देरी के कारण यह प्रोजेक्ट प्रभावित हुआ. फाइटर एयरक्राफ्ट न मिलने की वजह से भारतीय वायुसेना प्रमुख ने भी नाराजगी जताई थी.

