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UK Prime Minister Keir Starmer India Visit: ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर मुंबई व्यापार मिशन पर 125 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे हैं. उनके इस दौरे में भारत ब्रिटेन ट्रेड डील और विजन 2035 के तहत व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर है.
एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ ब्रिटिश पीएम स्टार्मर भारत दौरे पर आए हैं.British PM Keir Starmer: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बुधवार को मुंबई पहुंच गए. वह दो दिवसीय व्यापारिक दौरे पर भारत आए हैं. उनके साथ 125 लोगों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल है, जिसमें ब्रिटिश मंत्रियों, यूनिवर्सिटी, उद्योग समूहों और प्रमुख कंपनियों के सीईओ शामिल हैं. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है. इसी साल जुलाई में दोनों देशों के बीच ट्रेड डील हुई थी. यह विजन 2035 के रोडमैप पर आधारित है. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं.
दौरे का मकसद और व्यापारिक महत्व
स्टार्मर ने ट्रेड डील को विकास के लिए एक लॉन्चपैड बताया है. इस समझौते के तहत ब्रिटेन ने 99 फीसदी उत्पादों पर शुल्क हटा दिया है, जिसका असर भारत के 45 फीसदी निर्यात (लगभग 6.5 बिलियन डॉलर) पर पड़ेगा. इसमें टेक्सटाइल, जूते, समुद्री भोजन और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्र शामिल हैं. दूसरी ओर ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ा लाभ शराब उद्योग, खासकर स्कॉच व्हिस्की को मिलेगा. भारत में स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया गया है और अगले दस वर्षों में इसे 40 फीसदी तक कम किया जाएगा.
पीएम से मुलाकात और तकनीकी सहयोग
चुनौतियां और संबंधों में सुधार
लेबर पार्टी के नेतृत्व में ब्रिटेन ने भारत के साथ संबंधों को फिर से परिभाषित करने की कोशिश की है, खासकर तब से जब स्टार्मर ने पार्टी की कमान संभाली. पहले, भारत-पाकिस्तान और कश्मीर मुद्दे पर लेबर पार्टी की स्थिति के कारण दोनों देशों के बीच तनाव था. इसके अलावा ब्रिटेन में खालिस्तानी अलगाववादियों की गतिविधियों ने भारत के लिए चिंता पैदा की थी. जुलाई में ट्रेड डील और विजन 2035 की घोषणा ने दोनों पक्षों की ओर से संबंधों को रीसेट करने की इच्छा को दर्शाया.
प्रतिनिधिमंडल और व्यापारिक संभावना
एंस्टार्मर के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में व्यापार और व्यवसाय मंत्री पीटर काइल, निवेश मंत्री जेसन स्टॉकवुड, कॉन्फेडरेशन ऑफ ब्रिटिश इंडस्ट्री (CBI), रॉल्स-रॉयस, ब्रिटिश एयरवेज, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, बार्कलेज, नेटवेस्ट, HSBC, डियाजियो, अरुप और बीटी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं. हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य और कोबरा बीयर के संस्थापक करण बिलिमोरिया ने कहा कि ब्रिटेन का मतलब व्यवसाय है. हम अगले पांच वर्षों में भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की उम्मीद करते हैं.
प्रवासन और निवेश
ब्रिटेन में लेबर सरकार को आर्थिक चुनौतियों के साथ-साथ प्रवासन पर सख्त नीतियों का दबाव है. भारत से कुशल श्रमिकों को ब्रिटेन में सबसे ज्यादा वीजा मिलते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में लेबर सरकार ने कुशल प्रवासियों पर भी प्रतिबंध कड़े किए हैं. यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (UKIBC) ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि एक संतुलित और पूर्वानुमानित प्रवासन ढांचा जरूरी है ताकि ब्रिटेन निवेश के लिए आकर्षक बना रहे.
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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