रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल अमित शुक्ला ने बताया कि सेना और असम राइफल्स की टुकड़ियों ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर सात जिलों, टेंग्नौपाल, थौबल, इंफाल पूर्व, तामेंगलोंग, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और चंदेल, जो इंफाल घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में आते हैं, में कई सटीक, खुफिया जानकारी पर आधारित संयुक्त अभियान चलाए. पिछले कुछ दिनों में चलाए गए इन अभियानों में विभिन्न पहाड़ी और घाटी-आधारित उग्रवादी समूहों के नौ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और 36 हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य युद्ध-संबंधी सामग्री बरामद की गई.
बरामद हथियारों में चार सेल्फ-लोडिंग राइफलें (एसएलआर), चार इंसास राइफलें, दो .303 राइफलें, एक एआर-15/एम-16 राइफल, कई बोल्ट-एक्शन राइफलें, कई 9 मिमी पिस्तौल, एक स्कोप, 82 राउंड गोला-बारूद, 25 मैगजीन और तीन मोबाइल फोन शामिल हैं. रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा बलों के ये समन्वित प्रयास मणिपुर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.
तस्करी का सामान और दोपहिया बाइक जब्त कर ली गई है, और सवार की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है. पुलिस अधिकारियों को संदेह है कि ये ड्रग्स म्यांमार से तस्करी करके लाए गए थे, जिसकी मणिपुर के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा है. अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बल पहाड़ी और इंफाल घाटी के जिलों के सीमांत और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान और क्षेत्र में दबदबा बनाए हुए हैं.

