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Madhubani News : राजद विधायक समीर कुमार महासेठ ने मधुबनी में अधूरी सड़कों का उद्घाटन कर दिया जिसके बाद संवेदक (कॉन्ट्रैक्टर) ने कार्य समाप्ति का बोर्ड भी लगा दिया. मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोग और पथ निर्माण विभाग पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, विधायक ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा है.
अधूरे काम का फीता काट उद्घाटन, बाद में संवेदक ने ‘कार्य समाप्ति’ बोर्ड लगाकर काम ठप कर दियाकाम हुआ नहीं कार्य समाप्ति का लगा दिया बोर्ड
पंडौल प्रखंड के सरिसब पाही पूर्वी के बिट्ठो में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना अंतर्गत पक्की सड़क बिट्ठो से पुबाई टोल बिट्ठो तक 1.361 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना था. लगभग 1.11 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस सड़क में 1.21 किलोमीटर कालीकृत तथा 150 मेरे पीसीसी सड़क निर्माण किया जाना था. संवेदक ने कार्य भी शुरू किया गया था, लेकिन इसी बीच 10 जुलाई 2025 को राजद विधायक समीर कुमार महासेठ ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच सड़क किनारे सड़क का उद्घाटन का शिलापट्ट लगाते हुए फीता काट उद्घाटन कर दिया. इस दौरान सड़क में मिट्टीकरण का कार्य ही चल रहा था. संवेदक ने उद्घाटन का बोर्ड लगाए जाने के बाद 150 मीटर पीएससी का कार्य कर लिया तथा शेष कार्य वैसे ही अधूरा पड़ा रह गया.
गलत नाम और स्थान से बनी सड़कें, उद्घाटन के बाद भी लगभग 100 मीटर काम अधूरा छोड़ा गया
कॉंट्रैक्टर ने काम समेटा
फर्जी नाम से बनी सड़क
सरिसब पाही पश्चिमी पंचायत में मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्य योजना के तहत दो ऐसी सड़क बनी है, जिसका नाम और स्थान ही गलत है. पुराना एनएच से पासवान टोला सरिसब के नाम से लगभग 43.706 लाख रुपए की लागत से 1.066 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई गई है. इसका उद्घाटन राजन विधायक समीर कुमार महासेठ ने 31 मई 2025 को कर दिया, जबकि वह सड़क ओल्ड एनएच से एनएच 27 तक जाती है. उसी संवेदक ने सरिसब पाही दर्जी टोल से एनएच 27 नाम से लगभग 1.550 किलोमीटर लंबी सडक बनाई है, जबकि वह सड़क सरिसब पाही दर्जी टोल से हाटी चौक तक बनाई गई है.
फिर वही कहानी दुहराई
अधूरे काम पर उठे सवाल
आधे अधूरे योजनाओं का विधायक के द्वारा उद्घाटन की जाने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा होने लगी है. स्थानीय लोगों की मानें तो बिना योजना की जांच पड़ताल किए बिना उद्घाटन कैसे कर दिया जा रहा है. जैसे ही उद्घाटन का शिलापट्ट लगता है, संवेदक कार्य समाप्ति का बोर्ड लगा चल देता है. ऐसे में स्थानीय विधायक एवं उनके कार्यकर्ता क्यों नहीं योजनाओं की जांच पड़ताल करते हैं अथवा संवेदक और उनके कार्यकर्ताओं के बीच किसी तरह की और बातचीत हुई रहती है. जिसका नतीजा है की योजनाओं को अधूरा छोड़ दिया जा रहा है.
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए, विधायक बोले-गड़बड़ी की जानकारी नहीं, शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी.
क्या कहते हैं समीर महासेठ?
”संवेदक के द्वारा योजना अधूरी छोड़े जाने की सूचना नहीं मिली है. यदी संवेदक के द्वारा योजना में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अधूरा छोड़े जाने का मामला क्षेत्र में है तो विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की जाएगी.” हालांकि, इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राणा ब्रजेश से फोन कर उनका पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क किया गया, लेकिन संपर्क हो नहीं पाया.
पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें
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