Rakesh Tikait on Bihar Election: किसान नेता राकेश टिकैत का बिहार चुनाव पर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार चुनाव 2020 से धांधली की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि अगर इस बार ईमानदारी से चुनाव हुआ तो विपक्ष जीतेगा।

भाजपा पर लगाया बेईमानी का आरोप
राकेश टिकैत ने कहा कि हम खुद चुनाव नहीं लड़ते, लेकिन इतना जरूर कह सकते हैं कि भाजपा ने बेईमानी की शुरुआत बिहार चुनाव 2020 से की थी। अगर दोबारा ऐसा हुआ तो सत्ता पक्ष ही जीतेगा, लेकिन अगर ईमानदारी से चुनाव कराए गए तो विपक्ष की जीत तय है। उन्होंने भाजपा पर जनादेश का सम्मान न करने और जनता की भावनाओं को कुचलने का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र में राजनीतिक तोड़फोड़
महाराष्ट्र के घटनाक्रम पर राकेश टिकैत ने कहा कि राहुल गांधी सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि वहां जनमत से बनी सरकार को भाजपा ने गिरा दिया था। यह कोई लोकतांत्रिक तरीका नहीं है। भाजपा जीत कर नहीं आती, बल्कि जीतने वालों की सरकारें तोड़ती है। यह ईमानदारी नहीं, राजनीतिक साजिश है। इस कारण राहुल गांधी कुछ गलत नहीं कह रहे हैं।
भूमि अधिग्रहण पर तीखा हमला
राकेश टिकैत ने भूमि अधिग्रहण के मामलों पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक किसानों की जमीनें जबरन छीनी जा रही हैं। सरकारें उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही हैं। जमीन छीनकर अनाज देने की बात कर रही हैं, जो कि किसानों को गरीब बनाने की साजिश है।
भाषा-सांप्रदायिकता पर भी तंज
महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर राकेश टिकैत ने कहा कि पहले बाला साहब ठाकरे ने इस मुद्दे को उठाया था, फिर छोड़ दिया था। अब उनके वंशज इसे भुना रहे हैं। हिंदी भाषी लोगों को महाराष्ट्र और कर्नाटक में अपमानित किया जा रहा है, यह गलत है। ठाकरे परिवार पर उन्होंने भाषा विवाद के जरिए राजनीति करने का आरोप लगाया।
कावड़ यात्रा में सांप्रदायिक रंग
कांवड़ यात्रा में नॉनवेज को लेकर हुए विवाद पर किसान नेता ने कहा कि असल दिक्कत नॉनवेज से नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज को टारगेट किया जा रहा है। हमने सरकार को सुझाव दिया कि वेजिटेरियन होटलों पर हरे रंग और नॉनवेज पर लाल रंग की सूचना होनी चाहिए। अगर सच में नॉनवेज से दिक्कत है, तो दुकानों पर रजिस्टर रखो और खाने वालों के नाम दर्ज करो। खपत खुद 60 फीसदी घट जाएगी।
मूंग खरीद-खाद संकट पर चिंता
प्रदेश में मूंग की पैदावार और खाद की किल्लत पर राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार एमएसपी पर मूंग की खरीद नहीं कर रही। किसान खेत में मूंग छोड़ने को मजबूर हैं। वहीं, खाद की समय पर उपलब्धता न होने से किसान परेशान हैं। यह समस्या प्रदेशभर में समान रूप से फैली है।
सरकार को दिया अल्टीमेटम
राकेश टिकैत ने साफ कहा कि अगर किसानों की समस्याओं का समय पर हल नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन हो सकता है। उन्होंने सरकार से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसानों की जमीन, उनकी रोजी-रोटी है। यदि इसी पर हमला होगा, तो सरकारों को जवाब भी उसी भाषा में मिलेगा।


