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oi-Puja Yadav
UK F-35B Fighter Jet: भारत के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बीते तीन हफ्तों से खड़ा ब्रिटिश फाइटर जेट F-35B लाइटनिंग अब जल्द ही मरम्मत के बाद उड़ान भर सकेगा। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जेट की साइट पर मरम्मत के लिए यूके से 40 सदस्यीय तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम 5 जुलाई को केरल पहुंचेगी।
यह टीम एक विशेष विमान से भारत आएगी और हाई-टेक एविएशन उपकरणों के साथ इस महंगे फाइटर जेट की मरम्मत करेगी। बता दें कि 14 जून की रात को ब्रिटिश रॉयल नेवी का यह F-35B सुपरसोनिक जेट एक नियमित सैन्य अभ्यास के दौरान आपात स्थिति में तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर उतरा था।

यह उड़ान HMS Prince of Wales ब्रिटिश एयरक्राफ्ट कैरियर से भरी गई थी, जो उस समय सिंगापुर स्ट्रेट के पास तैनात था। आपात स्थिति की वजह खराब मौसम और ईंधन की कमी थी।
तीन हफ्तों से भारत में फंसा UK F-35B Fighter Jet
भारतीय वायुसेना (IAF) ने जेट को भारतीय हवाई क्षेत्र में ट्रैक किया और विमान के सुरक्षित लैंडिंग में मदद की। बाद में IAF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी, “रॉयल नेवी के F-35B फाइटर को 14 जून की रात तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग के बाद रिकवर किया गया। भारतीय वायुसेना विमान की मरम्मत और वापसी के लिए हर आवश्यक सहायता दे रही है।”
हालांकि विमान ने सुरक्षित लैंडिंग कर ली थी, लेकिन ग्राउंड पर खड़ा होने के दौरान तकनीकी खराबी भी सामने आई, जिससे यह उड़ान नहीं भर पाया। जेट का पायलट अगले ही दिन हेलिकॉप्टर से अपने कैरियर पर लौट गया।
मरम्मत के लिए पहुंचेगी विशेष टीम
पहले यह टीम 2 जुलाई को भारत आने वाली थी, लेकिन अज्ञात कारणों से उनकी यात्रा स्थगित कर दी गई थी। अब यह टीम 5 जुलाई को एक विशेष विमान से केरल की राजधानी पहुंचेगी। टीम के साथ लाए जा रहे पार्टस के जरिए जेट को साइट पर ही ठीक किया जाएगा।
हालांकि यदि मरम्मत संभव न हो पाई, तो विमान को या तो खोलकर अलग-अलग हिस्सों में ले जाया जाएगा या फिर C-17 ग्लोबमास्टर जैसे विशेष ट्रांसपोर्ट विमान से पूरे जेट को एक साथ ले जाने की योजना बनाई जा सकती है। फिलहाल यह जेट तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट के एक सुरक्षित बे में खड़ा है, जहां इसे HMS Prince of Wales से आए 6 सैनिकों की टीम द्वारा कड़ी निगरानी में रखा गया है।
कितना खास है F-35B में?
F-35B Lightning अमेरिका की रक्षा कंपनी Lockheed Martin द्वारा निर्मित है। यह एक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे विशेष रूप से शॉर्ट टेक-ऑफ और वर्टिकल लैंडिंग (STOVL) के लिए डिज़ाइन किया गया है। यानी यह जेट सीमित जगह से उड़ान भर सकता है और खड़े होकर नीचे उतर सकता है – जो इसे छोटे एयरक्राफ्ट कैरियर्स और युद्धपोतों पर ऑपरेट करने में सक्षम बनाता है।
इसमें Pratt & Whitney F135 इंजन लगा है, जिसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली फाइटर इंजन माना जाता है। यह विमान ध्वनि की गति से 1.6 गुना तेज उड़ान भर सकता है और अत्यधिक गुप्तता तथा मारक क्षमता से लैस है।
HMS Prince of Wales का भारत से जुड़ाव
F-35B जिस एयरक्राफ्ट कैरियर से संबंधित है, वह HMS Prince of Wales ब्रिटिश रॉयल नेवी का प्रमुख युद्धपोत है। यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप जून में भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर चुका है। अभ्यास के बाद से यह सिंगापुर स्ट्रेट में तैनात बताया जा रहा है।
भारत ने दिखाई तत्परता
भारतीय वायुसेना और हवाई अड्डा प्राधिकरण द्वारा इस आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए न सिर्फ विमान को सुरक्षित उतारा गया, बल्कि इसके रख-रखाव और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। यह घटना भारत की सैन्य-सहयोग नीति और रणनीतिक तत्परता का भी प्रतीक मानी जा रही है।
ब्रिटिश युद्धक विमान की भारत में आपात लैंडिंग एक दुर्लभ सैन्य और राजनयिक घटना बन गई है। अब जबकि यूके से इंजीनियरों की टीम तिरुवनंतपुरम पहुंच रही है, उम्मीद की जा रही है कि यह तकनीकी गुत्थी सुलझ जाएगी और विमान जल्द ही अपने देश की ओर रवाना हो सकेगा।

