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India-Pakistan War: भारत सरकार ने आतंकवादी घटनाओं को एक्ट ऑफ वार मानने का फैसला लिया है. पहलगाम में नरसंहार के बाद भारत की सेनाओं द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर के बीच यह एक बड़ा फैसला है.
भारत सरकार का यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलरेंस को दिखाता है.
हाइलाइट्स
- भारत सरकार ने आतंकवादी घटनाओं को एक्ट ऑफ वार मानने का फैसला लिया.
- भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में कई बड़े आतंकवादियों को मार गिराया.
- रक्षा विशेषज्ञों ने भारत सरकार के नीतिगत बदलाव की सराहना की.
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी जंग जैसे हालात में भारत सरकार ने एक बड़ा अहम फैसला लिया है. सरकार ने तय किया है कि भविष्य में अब कोई आतंकवादी घटना होती है तो उसे एक्ट ऑफ वार यानी जंग माना जाएगा. ऐसे में आने वाले वक्त में भारत पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ अब और शख्ती से निपटेगा. अगर पाकिस्तान में पल-बढ़ रहे आतंकवादियों की तरफ से ऐसी कोई हरकत की जाती है तो भारत इसको पाकिस्तान की सरकार और वहां की सेना की ओर से भारत के खिलाफ जंग मानेगा.
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 26 हिंदुओं के नरसंहार की घटना के बाद भारत सरकार की नीति में यह बड़ा बदलाव हुआ है. इस घटना के जवाब में भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के नौ ठिकानों पर बम बरसाए हैं. इसमे सैकड़ों की संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं. भारतीय सेना की इस कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला गया है. वह बार-बार भारतीय सैन्य ठिकानों और अन्य जगहों पर मिसाइलों से हमले की कोशिश कर रहा है. लेकिन, भारत का मजबूत रक्षा कवच उन हमलों को विफल कर दे रहा है. वह एलओसी पर भी भारी गोलीबार कर रहा है. हालांकि भारत पाकिस्तान की ओर से किए जा इन हमलों का मुहंतोड़ जवाब दे रहा है.
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलरेंस
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह चुके हैं कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. अगर कोई देश या संगठन हमारे नागरिकों पर आतंकी हमला करेगा, तो हम इसे युद्ध की तरह लेंगे और उसका जवाब सैन्य कार्रवाई के जरिए देंगे. उन्होंने साफ किया कि भारत की सेना और खुफिया एजेंसियां ऐसी किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए तैयार हैं.
यह फैसला भारत की नई नीति को दर्शाता है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात कही गई है. ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई बड़े आतंकवादियों को मार गिराया, जिनमें मुदस्सर खदियान खास, हाफिज मुहम्मद जमील और मोहम्मद यूसुफ अजहर शामिल थे. इन हमलों ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि भारत आतंकी गतिविधियों का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा.
रक्षा विशेषज्ञ भी भारत सरकार के इस नीतिगत बदलाव की सराहना कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह फैसला भारत की ताकत और इच्छाशक्ति को दिखाता है. अब कोई भी देश या आतंकी संगठन भारत पर हमला करने से पहले सौ बार सोचेगा. हमारी सेना के पास 16 लाख जवान, आधुनिक हथियार, और सैटेलाइट निगरानी जैसे संसाधन हैं, जो हमें किसी भी खतरे से निपटने में सक्षम बनाते हैं.

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स… और पढ़ें

