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M4 CARBINE IN JAMMU KASHMIR: पाकिस्तान ने भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए आतंकियों को ट्रेनिंग, पैसा और हाईटेक हथियार दिए. उन हथियारों से आतंकियों ने कई मासूमों की जान ली. अफगानिस्तान में छोड़े गए अमेरिकी हथियार…और पढ़ें
पाक आतंकियों से मिले अफगानिस्तान में छोड़े गए अमेरिकी हथियार
हाइलाइट्स
- पाक ने आतंकियों को अमेरिकी हथियार दिए
- जम्मू कश्मीर में M4 कार्बाइन बरामद
- पाकिस्तानी सेना खुद उन्हीं हथियारों से परेशान
M4 CARBINE IN JAMMU KASHMIR: जम्मू कश्मीर में गर्मियों की दस्तक के साथ ही आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिशे भी तेज हो रही है. इसी के साथ ही शुरू हो चुका है भारतीय सेना का ऑपरेशन भी. किश्तवाड़ में भारतीय सेना ने एनकाउंटर में 3 आतंकियों ढेर कर दिया. आतंकियों के पास से भरी मात्रा में हथियार और अन्य साजों सामान बरामद हुआ. इनमें एक M4 कार्बाइन भी बरामद हुई है. यह बरामदगी पाकिस्तान का आतंक को लेकर दोहरा चरित्र को दुनिया के सामने ला रहा है. पिछले दिनों ही पाकिस्तान ने सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में अफगानिस्तान में छोड़े गए हथियारों पर अपना दुखड़ा रोया था. वही अफगानिस्तान में छोड़े गए हथियार पाक आतंकियों के पास से बरामद होना यह साफ कर रहा है कि उसकी नीति क्या है. ISI और पाक फौज ने कौड़ी के दाम में इन हथियारों को खरीदा और अपने आंतकिंयों को थमा दिए. जो कि जम्मू कश्मीर में बरामद हो रहे हैं.
कैसे पहुंची M4 आतंकियों के पास?
20 साल तक अफगानिस्तान में रहने के बाद अगस्त 2021 को अमेरिकी सेना आनन फानन में वहां से निकल गई. पीछे छोड़ गई अपने हथियार और साजो सामान. अफगानिस्तान में छोड़े हथियार तालिबान के हाथ लगे है वह धीरे धीरे आतंकियों के हाथ पहुंच गए. अब तो M4 का कश्मीर में आतंकियों के पास मिलना आम हो गया है. हालांकि आतंकियों के पास तो M4 काफी पहले से पहुंच गए थे.अगर हम M4 की कश्मीर में एंट्री की बात करें जो रिपोर्ट के मुताबिक़ पहली बार जम्मू कश्मीर में M4 बरामद साल 2017 में हुई थी जब सुरक्षाबलों ने जैश सरगना मसूद अजहर के भतीजे तलाह रशीद मसूद को पुलवामा में ढेर किया था.
M4 कार्बाइन दाग सकती है स्टील बुलेट
सेना के सूत्रों के मुताबिक इस वक्त जितने भी आतंकी गुट है उनके पास AK-47रायफल और M4 कार्बाइन के कॉम्बिनेशन मौजूद है. M4 से स्टील बुलेट दागी जा सकती है.पिछले साल जम्मू में सेना के काफिलों पर अटैक हुए उनमें M4 और स्टील बुलेट शामिल रहे थे. आतंकी सेना की गाड़ियों पर पहला बर्स्ट में M4 से ही फायर किया जाता है. स्टील बुलेट थिन स्किन गाड़ियों यानी की जो बुलेटप्रूफ न हो उसकी स्टील की चादर को यह आसानी से छेद कर देता है. पुछले साल कठुआ और रियासी में हुए आतंकी हमलों में भी M4 का इस्तेमाल किया गाया था.
पाक का रोना सुनो
पाकिस्तान के खुद का बनाए TTP और पाक की ज्याददती से पैदा हुए BLA संगठन अब उसी के लिए नासूर बन गया है.ना तो पाकिस्तान की सरकार ही इससे निपट पा रही है. फौज को तो खुद जान बचाना भारी हो रहा है. पाकिस्तान फौज के पास जिस तरह के आधुनिक हथियार है उससे कहीं बहेतर तो TTP और BLA इस्तेमाल कर रही है. आखिर कार पाकिस्तान के आंसू संयुक्त राष्ट्र के सामने निकल ही पड़े. सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की Arria-Formula बैठक में पाकिस्तान मिशन के काउंसलर सैयद आतिफ रजा ने अफगानिस्तान से TTP और BLA की मजीद ब्रिगेड को मिल रहे हथियारों को लेकर चिंता जताई. छोटे और हल्के हथियारों के मेनेजमेंट की डिबेट में बोल रहे थे. उनका कहना था कि अमेरिका के अफगानिस्तान में छोड़े गए अरबों रूपये हथियार आतंकियों के पास मौजूद है. जो कि पाकिस्तान की सेना और नागरिकों पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं. पाक ने अपील की है कि वह अफगानिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी गुटों के हाथों में हथियारों के न पहुंचने देने को कोशिश करे.

