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Bihar Vacancy News: अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के ‘फुटबॉल टू आईबॉल’ प्रोग्राम में इस वर्ष 200 गरीब बच्चियों को निःशुल्क प्रवेश मिलेगा. आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है.ऑनलाइन आवेदन का लिंक और ऑफलाइन आवेदन के लिए फ…और पढ़ें
अखंड ज्योति हॉस्पिटल में 200 बच्चियों को मुफ्त प्रवेश मिलेगा.
हाइलाइट्स
- फुटबॉल टू आईबॉल में 200 गरीब बच्चियों को मुफ्त प्रवेश मिलेगा.
- आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है.
- बारहवीं पास होना अनिवार्य है.
पटना. अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के ‘फुटबॉल टू आईबॉल’ प्रोग्राम में इस वर्ष 200 गरीब बच्चियों को निःशुल्क प्रवेश मिलेगा. इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है. अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के ‘फुटबॉल टू आईबॉल’ प्रोग्राम की प्रमुख मनीषा द्विवेदी ने बताया कि 30 अप्रैल तक आवेदन लिए जाएंगे. खास बात यह है कि इस प्रोग्राम के तहत बच्चियों को शिक्षा, फुटबॉल प्रशिक्षण और नौकरी की गारंटी दी जाती है.इस प्रोग्राम में एडमिशन के लिए आवेदकों को बारहवीं पास होना अनिवार्य है. गरीब तबके की लड़कियों को ही इसमें प्रवेश लिया जाएगा. उनके रहने और भोजन आदि का निःशुल्क प्रबंध है.
अखंड ज्योति के फुटबॉल टू आई बॉल बालिका शिक्षण प्रोग्राम के तहत इस साल दो कोर्स के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं. चार वर्षीय ऑप्टोमेट्रिस्ट कोर्स के लिए विज्ञान से बारहवीं पास होना अनिवार्य है, जबकि बीबीए कोर्स के लिए किसी भी विषय से बारहवीं पास बालिकाओं का दाखिला लिया जाएगा. युगॠषि श्रीराम शर्मा आचार्य चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के ‘फुटबॉल टू आईबॉल’ प्रोग्राम के लिए ऑनलाइन आवेदन https://bit.ly/AkhandJyoti_Application लिंक पर भरे जा सकते हैं. ऑफलाइन आवेदन के लिए फोन नं 6287797927 और 9262892856 जारी किया गया है.
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ग्रुप के सीईओ मृत्युन्जय तिवारी ने बताया कि ‘फुटबॉल टू आईबॉल’ प्रोग्राम के तहत पहले साल एक वर्षीय फाउंडेशन कोर्स कराया जाता है. फाउंडेशन कोर्स के जरिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आनेवाली बालिकाओं को कम्प्यूटर, अंग्रेजी और व्यक्तित्व निर्माण पर फोकस दिया जाता है. उसके बाद ऑप्टोमेट्री के चार वर्षीय स्नातक कोर्स में दाखिला होता है. ऑप्टोमेट्री की पढ़ाई के लिए सारण जिले के मस्तीचक स्थित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आंखों के विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा थ्योरी और प्रैक्टिकल क्लास कराया जाता है. योग, ध्यान, जीवन प्रबंधन और व्यक्तित्व निर्माण के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं. इन विशेष सत्रों में विदेश से भी प्रशिक्षक आते हैं.मृत्युन्जय तिवारी ने बताया कि फुटबॉल टू आईबॉल प्रोग्राम में दाखिला लेने वाली बालिकाओं को फुटबॉल का भी प्रशिक्षण दिया जाता है. फुटबॉल बालिकाओं के सशक्तिकरण और स्वावलंबन का प्रतीक है. फुटबॉल टू आईबॉल प्रोग्राम के तहत पढ़ाई पूरी करने वाली बालिकाओं को अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के विश्वस्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और अन्य शाखाओं में अच्छे वेतन पर शत-प्रतिशत नौकरी मिलती है.
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में लीडिंग पोजिशन पर हैं 60 लड़कियां
वर्ष 2009 से अब तक 725 लड़कियां अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के फुटबॉल टू आईबॉल कार्यक्रम का हिस्सा बन चुकी हैं. अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ग्रुप के सीईओ और कार्यकारी ट्रस्टी मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि विजन 2030 के तहत कुल 1500 लड़कियों को फुटबॉल टू आईबॉल प्रोग्राम के जरिए आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है. फुटबॉल टू आईबॉल प्रोग्राम की अब तक 15 लड़कियां राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल स्पर्धाओं में भाग ले चुकी हैं. इनमें एक सोनिया राय बिहार महिला फुटबाल टीम की कप्तानी भी कर चुकी है. इस निःशुल्क शैक्षणिक कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2009 में चार लड़कियों के दाखिले से हुई थी. मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि यहां प्रवेश लेने वाली बच्चियों के अभिभावकों को शर्त माननी होती है कि लड़कियों का विवाह 23 साल की उम्र से पहले नहीं होगा. फुटबॉल टू आईबॉल’ की 60 लड़कियां अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में लीडिंग पोजिशन पर हैं.
अखंड ज्योति में सालाना एक लाख ऑपरेशन हो रहे
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल्स में सालाना एक लाख आंखों के ऑपरेशन हो रहे हैं. 80 फीसदी ऑपरेशन निःशुल्क किए जाते हैं. गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की प्रेरणा से उनके प्रथम शिष्यों में एक पंडित रमेशचन्द्र शुक्ला ने वर्ष 1991 नवरात्रि में मस्तीचक के गायत्री मन्दिर में निःशुल्क आई कैंप से नेत्रदान यज्ञ की शुरुआत की. वर्ष 2005 में पंडित रमेशचन्द्र शुक्ला के शिष्य मृत्युंजय तिवारी ने वहां 10 बेड का आई हॉस्पिटल शुरू किया. अखंड ज्योति के चिकित्सा निदेशक डॉ अजीत पोद्दार ने बताया मस्तीचक में 500 बेड का अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कार्यरत है. यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल है. यहां आंखों से संबंधित सभी अत्याधुनिक उपकरण, 11 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 50 विशेषज्ञ आई सर्जन हैं. मस्तीचक में ही 250 बेड का आई हॉस्पिटल पहले से है. बिहार के पूर्णिया, समस्तीपुर के अतिरिक्त यूपी के बलिया जिले में भी आई हॉस्पिटल हैं. अखंड ज्योति आंख अस्पतालों में पिछले 17 वर्षों में 10 लाख आंखों के ऑपरेशन किए जा चुके हैं. वर्ष 2030 तक 20 लाख आंखों की सर्जरी का लक्ष्य है. इनमें 16 लाख गरीब मरीजों की आंखों का निःशुल्क ऑपरेशन होगा.

