Last Updated:
Ahmedabad: नाना चिलोदा में एक फर्जी डॉक्टर ने दो दुकानें किराए पर लेकर अस्पताल खोला और फर्जी मेडिकल क्लेम पास कराने की साजिश रची. बीमा कंपनी की जांच में मामला उजागर हुआ और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने किया पर्दाफाश
अहमदाबाद के नाना चिलोदा क्षेत्र में एक फर्जी डॉक्टर द्वारा चलाए जा रहे अवैध अस्पताल का पर्दाफाश हुआ है. आरोपी धर्मेंद्र उर्फ संजय मनुभाई पटेल ने शिखर एवेन्यू में दो दुकानें किराए पर लेकर ‘थ्री स्टार अस्पताल’ नामक एक फर्जी अस्पताल खोल लिया था. इस अस्पताल को वैध दिखाने के लिए उसने अहमदाबाद नगर निगम के स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र (फॉर्म सी) तैयार किया था. आरोपी ने शहर के नामी डॉक्टरों के नाम का गलत इस्तेमाल कर चार मरीजों का इलाज फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिखाया और उनके मेडिक्लेम पास कराने की कोशिश की.
बीमा कंपनी की जांच से खुला अस्पताल का फर्जीवाड़ा
फर्जी अस्पताल का यह गोरखधंधा तब उजागर हुआ जब (एचडीएफसी एर्गो) बीमा कंपनी ने मेडिक्लेम दावे की जांच की. नवरंगपुरा में रहने वाले डॉ. श्रीनिवास नरसैया, जो बीमा कंपनी में उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई. 20 मार्च को रमेशभाई पटेल नामक व्यक्ति की मेडिक्लेम पॉलिसी बीमा कंपनी को प्राप्त हुई, जिसमें उनकी पत्नी सुमित्राबेन के इलाज का दावा किया गया था. दस्तावेजों में बताया गया कि उनका इलाज डॉ. मेहुल सुतारिया ने किया था, लेकिन जब बीमा कंपनी की टीम ने नाना चिलोदा स्थित ‘थ्री स्टार अस्पताल’ में जाकर जांच की, तो वहां ऐसा कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था.
पंजीकरण नंबर भी निकला फर्जी
बीमा कंपनी को शक होने पर उन्होंने सुमित्राबेन से बात की, जिन्होंने बताया कि उनका इलाज डॉ. संजय पटेल ने किया था. इसके बाद बीमा कंपनी ने गुजरात मेडिकल काउंसिल से संपर्क कर डॉ. मेहुल सुतारिया के पंजीकरण की जानकारी मांगी. जांच में पता चला कि इस नाम से कोई डॉक्टर पंजीकृत ही नहीं है और जिस रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग किया गया था, वह असल में डॉ. भूपत सिबाभाई मकवाना का था. इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपी धर्मेंद्र उर्फ संजय पटेल ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अस्पताल खोलकर मरीजों से पैसे ऐंठे थे.
बीमा कंपनी और मरीजों से धोखा
धड़ीइस मामले में कुल चार मेडिक्लेम दाखिल किए गए थे, जिनकी कुल राशि 2 लाख रुपये से अधिक थी. आरोपी ने इलाज के झूठे बिल बनाकर बीमा कंपनी से क्लेम हासिल करने की कोशिश की थी. इतना ही नहीं, उसने अहमदाबाद नगर निगम का फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्र भी पेश किया, जिस पर नगर निगम के स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी और जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के फर्जी हस्ताक्षर थे. जब इन दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, तो प्रमाण पत्र भी फर्जी निकला.
पहले भी कर चुका है ऐसी धोखाधड़ी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी धर्मेंद्र उर्फ संजय पटेल पहले भी ऐसे फर्जीवाड़े कर चुका है. 2022 में भी उसके खिलाफ नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन में बीमा कंपनी के साथ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज हुआ था, जो फिलहाल अदालत में लंबित है.
Ahmadabad,Gujarat
March 19, 2025, 18:16 IST

