अभय सिंह राठौड़, लखनऊ: होली का त्योहार 14 मार्च को मनाया जाएगा। हिंदुओ के प्रमुख त्योहारों में से एक होली के दिन सभी वर्ग के लोग खूब रंग खेलते है। हालांकि इस बार होली शुक्रवार को होने के कारण जुमे की नमाज भी अदा होनी है। इसको लेकर जुमे की नमाज को एक घंटे बढ़ा दिया गया है। जबकि होली की बारात को एक से डेढ़ घंटे पहले समाप्त कराने पर सहमति बन गई है। वहीं इस बार होली के मौके पर जहां राजनीति गरमाई हुई है, वहीं होली के दिन लखनऊ में हिंदू-मुस्लिम भाईचारा की मिशाल देखने को मिलेगी।दरअसल लखनऊ अपनी नजाकत, नफासत, अदब, आदाब और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। ये शहर धर्मों की सीमाओं को पार करने की एक अनोखी मिसाल पेश करता रहा है। इस बार एक बार लखनऊ में हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई की एकता की एक बानगी देखने को मिल सकती है। इस बार होली के दिन यानी 14 मार्च को लखनऊ का मुस्लिम समाज सारे गिले-शिकवे दूर कर हिंदू भाइयों के साथ होली खेलकर समाज में एक मैसेज देने जा रहा है। मुसलमान ना सिर्फ रंगों की होली खेलेगा बल्कि होली जुलूस का भव्य स्वागत भी करेगा।
होली और रमजान के त्योहार के अवसर पर एकता और भाईचारे का पैगाम देते हुए मुस्लिम समाज लखनऊ की परम्परागत होली जुलूस का स्वागत करेगा। इस जुलूस का स्वागत 14 मार्च को सुबह 10 बजे लखनऊ के चौक स्थित विक्टोरिया स्ट्रीट पर किया जाएगा। इस स्वागत कार्यक्रम को लेकर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अमील शम्सी ने बताया कि आपसी एकता भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखते हुए लखनऊ के मुस्लिम समाज के लोग हिन्दू भाईयों के संग होली के रंगो में रंगेगें और मोहब्बत के पैगाम को दुनिया भर में भेजेगें।
होली और रमजान के त्योहार के अवसर पर एकता और भाईचारे का पैगाम देते हुए मुस्लिम समाज लखनऊ की परम्परागत होली जुलूस का स्वागत करेगा। इस जुलूस का स्वागत 14 मार्च को सुबह 10 बजे लखनऊ के चौक स्थित विक्टोरिया स्ट्रीट पर किया जाएगा। इस स्वागत कार्यक्रम को लेकर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अमील शम्सी ने बताया कि आपसी एकता भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखते हुए लखनऊ के मुस्लिम समाज के लोग हिन्दू भाईयों के संग होली के रंगो में रंगेगें और मोहब्बत के पैगाम को दुनिया भर में भेजेगें।
वहीं होली और जुमे की नमाज़ के लिए लखनऊ की पुलिस हाई अलर्ट पर है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। इसको लेकर डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि हिंदू-मुस्लिम समाज के धर्म गुरुओं से बातचीत की गई है। दोनों समाज के धर्म गुरुओं ने स्वेच्छा से समय में परिवर्तन किया है। टाइम को इस तरह चेंज किया गया है ताकि आपस में टकराव ना हो। पुराना लखनऊ गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतिनिधि करता है। यहां हिंदू-मुस्लिम सब मिलजुलकर रहते हैं। डीसीपी ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण स्थानों पर CCTV कैमरे भी लगाए हैं। साइबर सेल सोशल मीडिया पर निगरानी रखे हुए है।

