INA की वर्दी पहनकर दी शहीदों को श्रद्धांजलि
आर. माधवन पिल्लई अपने जीवन के 100वें साल की शुरुआत करते हुए नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे। यह आयोजन भारतीय सेना द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें सीनियर सैन्य अधिकारी और आम लोगों ने भाग लिया। पिल्लई वॉर मेमोरियल में अपनी आईएनए की वर्दी पहनकर पहुंचे। यही वो वर्दी है जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सभी साथी पहनते थे।
कौन हैं आर. माधवन पिल्लई?
आर. माधवन पिल्लई तमिलनाडु के रहने वाले हैं। उनका जन्म 13 मार्च 1926 को बर्मा में हुआ। बर्मा में ही पढ़ाई लिखाई की। परिवार में पत्नी सावित्री और आठ बच्चे है। इनमें छह बच्चे बर्मा में हुए जबकि दो बच्चे मद्रास में हुए। पिल्लई 1974 में दिल्ली आए। अपने जवानी के दिनों में ही पिल्लई नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े। उन्होंने आजाद हिंद फौज की सदस्यता ली और देश की आजादी में जुट गए। पिल्लई वो शख्स थे जिन्होंने उस दौर में नेताजी के लिए 15 करोड़ का फंड इकठ्ठा किया था।
कैसे आजाद हिंद फौज से जुड़े?
नेताजी सुभाष चंद्र की आजाद हिंद फौज से भारत के साथ-साथ विदेशों के लोग भी जुड़े थे। आजाद हिंद फौज के हजारों जवानों ने देश की आजादी के लिए अपनी कुर्बानी दी। पिल्लई बताते हैं कि नेताजी के एक भाषण को सुनकर वो बर्मा छोड़कर भारत आ गए और देश की आजादी के लिए संघर्ष करने लगे। ये भाषण नेताजी ने सिंगापुर में दिया था। भाषण में नेताजी ने कहा था “आजादी तुम्हारी खून की कुर्बानी मांगती है इसके दरवाजे पर तुम्हें सब कुछ न्योछावर करना होगा आजादी के लिए तुम्हें अपनी दौलत अपनी जान और अपनी औलाद, तुमने अब तक सब कुछ दिया दौलत शोहरत, फड़कते बाजू धड़कते दिल मगर आजादी की प्यास इतने में नहीं बुझती है, आज मातृभूमि पर सिर चढ़ाने वाले पुजारियों की जरूरत है मैं वादा करता हूं तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा जय हिंद”।
1943 में आजाद हिंद फौज से जुड़े
पिल्लई ने एक इंटरव्यू में बताया कि वो नेताजी से जुड़ने से पहले इंडियन इंडिपेंडेंट लीग (आईआईएल) में बतौर रिक्रूटमेंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। आईआईएल को रास बिहारी बोस ने बनाया था। इसके साथ आईएनए का भी गठन रास बिहारी बोस, मोहन सिंह और फौजी वारा (जापानी) ने सिंगापुर में किया था। 1943 में नेताजी के आने के बाद रास बिहारी ने अपना पद नेताजी को दिया। उन्होंने 1943 में आजाद हिंद फौज का जॉइन किया। यहां वो सारा ऑफिस का काम देखते थे। इसके लिए उन्होंने कोई सैलरी भी नहीं ली।

