यूनुस सरकार में मिल रही छूट!
बांग्लादेश में शेख हसीना के समय सरकार का रुख कट्टरपंथी गुटों पर सख्ती का माना जाता था। हालांकि बीते साल अगस्त में हसीना सरकार गिरने और यूनुस के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश में चीजें बदल रही हैं। यूनुस सरकार में दक्षिणपंथी नेताओं का दबदबा दिखा है। उनके आने के बाद कट्टरपंथी समूहों को एक्टिविटी की छूट मिलती दिखी है। हिज्ब उत-तहरीर बांग्लादेश में ये प्रतिबंधित संगठन है लेकिन वह रैली निकाल रहा है।
ढाका विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग के प्रोफेसर नजमुल अहसान कलीमुल्लाह ने फरवरी में एएनआई से कहा था कि शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में इस्लामी समूहों को ज्यादा छूट मिल रही है। उन्होंने कहा कि कई प्रतिबंधित इस्लामी संगठन बांग्लादेश में सक्रिय हैं, इनमें हिज्ब उत-तहरीर का नाम अहम है। हालांकि यह संगठन आधिकारिक तौर पर अवैध है और इसका मीडिया समन्वयक जेल में है।
कलीमुल्लाह ने कहा कि यूनुस सरकार आने के बाद बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी ने भी अपनी स्थिति मजबूत की है। हिफाजत-ए-इस्लाम आंदोलन को भी बांग्लादेश में बढ़ावा मिला है। बांग्लादेश की यूनुस सरकार पर लगातार ये आरोप लग रहे हैं कि वह कट्टरपंथियों को छूट दे रहे हैं। इन संगठनों की खुलेआम रैलियां इन आरोपों को मजबूत करती हैं। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और उदारवादियों पर भी हालिया समय में लगातार हमले हुए हैं।

