केंद्र में वित्त सचिव थे डॉ. विवेक जोशी
हरियाणा का मुख्य सचिव बनने से पहले जोशी केंद्र में वित्त सचिव का जिम्मा संभाल रहे थे। इसके बाद उन्होंने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव की जिम्मेदारी संभाली। चार साल तक केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के रूप में कार्य किया।
एसबीआई के बोर्ड मेंबर भी रहे
भारतीय रिजर्व बैंक और देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं। कपड़ा मंत्रालय में डायरेक्टर के रूप में काम किया। जोशी ने तीसरी बार सत्ता में आई नायब सरकार के लिए सौ दिन का एजेंडा तैयार किया और उसे लागू करवाया। जोशी के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई ज्यादातर घोषणाओं की अधिसूचना बिना किसी देरी के जारी की गई।
हरियाणा में भ्रष्ट अफसरों की लिस्ट बनाकर मचाई खलबली
जोशी के कार्यकाल के दौरान हरियाणा के राजस्व विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों की सूचियां भी वायरल हुई। उन्होंने कामकाज में पारदर्शिता को लेकर कई आदेश जारी किए जो निचले स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों को पसंद नहीं आए।
जोशी ने मुख्यमंत्री की बैठकों का एजेंडा समय पर जारी तथा बैठकों में लिए जाने वाले फैसलों को तीन दिन भीतर कार्यवाही का हिस्सा बनाने के आदेश जारी किए तो वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैनात निजी सचिव स्तर के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
26 अक्तूबर को केंद्र ने भेजा था हरियाणा
केंद्र ने 1989 बैच के आईएएस डा़ विवेक जोशी को 26 अक्तूबर को केंद्र से वापस उनके मूल कैडर में वापस भेजा था। वह तीन महीने 14 दिन ही मुख्य सचिव की कुर्सी पर बैठ पाए। जब उन्हें केंद्र से हरियाणा भेजा था तो उस समय वह केंद्र में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय में सचिव का पद संभाल चुके डा़ जोशी पहले हरियाणा में भी तैनात रहे हैं। वह हरियाणा सरकार में निगरानी और समन्वय के प्रमुख सचिव, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के सीईओ के रूप में काम कर चुके हैं।

