बच्ची बोली-पुलिस अफसर बनना चाहती हूं
‘मैं हमेशा से एक पुलिस अधिकारी बनना चाहती हूं। विज्ञान और गणित मेरे पसंदीदा विषय हैं। मैं अपने बोर्ड के परिणामों के आधार पर अपना आगे का विषय चुनूंगी।’ यह कहना है उस बच्ची का जिसने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा दुःख झेला है।
बच्ची को जन्मदिन पार्टी के बहाने बुलाया
गणतंत्र दिवस पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के महत्व पर जोशीला भाषण देने के केवल 11 दिन बाद ही उसके जीवन में यह तूफान आया। 33 वर्षीय शिक्षक ने उसे अपने जन्मदिन के बहाने एक होटल में बुलाया और उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। उस पर बच्ची को बोर्ड परीक्षा में फेल करने की धमकी देने का भी आरोप है।
चाचा के यहां रह रही है बेटी
7 फरवरी की इस भयानक घटना के बाद से, लड़की अपने चाचा के घर रह रही है। उसके चाचा की दो बेटियां भी परीक्षा देने वाली हैं। उसके चाचा ने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि लोग और रिश्तेदार रोज आएं और उसकी पढ़ाई में बाधा डालें।’
चचेरी बहनें कर रहीं सपोर्ट
वह अपनी पढ़ाई के प्रति उसी लगन को बनाए हुए है जो इस घटना से पहले थी। उसे अपनी दोनों चचेरी बहनों से बहुत भावनात्मक समर्थन मिल रहा है, जो उसके साथ पढ़ती हैं और इस मुश्किल समय में उसका साथ दे रही हैं। चाचा ने कहा, ‘हमें उसके साहस और दृढ़ संकल्प पर बहुत गर्व है। आगे जो भी चुनौतियां आएं, हम हर कदम पर उसका साथ देंगे।
पूरा परिवार करता है खेती-मजदूरी
यह एक संयुक्त परिवार है, जिसके ज्यादातर सदस्य खेतिहर मजदूर हैं। चाचा ने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि हमारी आने वाली पीढ़ी भी मजदूरी करे। आखिरकार, हम जमींदार नहीं हैं। हम शिक्षा का महत्व समझते हैं।’ परिवार ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोग भी उसकी तारीफ कर रहे हैं जो छोटी-छोटी चुनौतियों में भी हार मान लेते हैं। उनके लिए यह बच्ची साहस की मिसाल है।
प्रिंसिपल भी जज्बे की कर रहे तारीफ
छात्रा के ग्रांट-इन-एड स्कूल के प्रधानाचार्य भी उन लोगों में शामिल हैं जो उसके हौसले की सराहना कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे 26 जनवरी को दर्शकों ने की थी। प्रिंसिपल ने कहा, ‘वह एक मेधावी छात्रा है जिसने कभी कक्षाएं नहीं छोड़ीं। जिस तरह से वह साहस और दृढ़ता के साथ इन चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रही है, वह कम से कम कहने के लिए प्रेरणादायक है।’
गंभीर विषय
यह घटना हमें समाज में लड़कियों की सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीरता से सोचने पर मजबूर करती है। जब एक बच्ची, जो खुद बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दे रही है, उसी के साथ ऐसा होता है तो यह और भी चिंताजनक हो जाता है। हमें ऐसे माहौल बनाने की जरूरत है जहां लड़कियां सुरक्षित महसूस करें और बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा कर सकें। इस बच्ची का साहस और दृढ़ संकल्प वाकई काबिले तारीफ है। हमें उम्मीद है कि वह जल्द ही इस सदमे से उबर जाएगी और अपने सपनों को पूरा करेगी। यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमें बच्चियों की सुरक्षा के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। हमें ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए जो बच्चियों के साथ ऐसा घिनौना अपराध करते हैं।

