BRICS क्यों भारत के लिए महत्वपूर्ण?
ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) का समूह विश्व की आबादी का एक बड़ा हिस्सा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनका योगदान भी महत्वपूर्ण है। भारत के लिए ब्रिक्स महत्वपूर्ण ट्रेड पार्टनर है। यह समूह भारत को नए बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है।
ब्रिक्स समूह भारत को वैकल्पिक वित्तीय तंत्र तक भी पहुंच देता है जो पश्चिमी-प्रभुत्व वाले संस्थानों पर कम निर्भर है। नए सदस्यों को शामिल करने के लिए विस्तार से भारत को अपने माल और सेवाओं के लिए नए बाजारों तक पहुंच की सुविधा भी मिलेगी।
इसके अलावा, ब्रिक्स भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज उठाने का मंच प्रदान करता है। यह समूह भारत को विकासशील देशों के साथ मिलकर वैश्विक मुद्दों पर अपनी राय रखने का मौका देता है। खास बात यह है कि ब्रिक्स भारत को चीन के साथ अपने संबंधों को संतुलित करने का एक जरिया प्रदान करता है।
अमेरिका सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर
जहां तक अमेरिका का सवाल है तो वह भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं। अमेरिका भारत में निवेश का एक प्रमुख स्रोत भी है। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। 2023 में यह 190.08 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसमें वस्तु व्यापार 123.89 अरब डॉलर और सेवा व्यापार 66.19 अरब डॉलर था। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। भारत से अमेरिका को मुख्य रूप से रत्न और आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और कपड़ा उत्पादों का निर्यात होता है। भारत अमेरिका से पेट्रोलियम, कच्चे हीरे, सोना और विमानों का आयात करता है।
वहीं, अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी भी है। दोनों देश कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं। अमेरिका टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के सेक्टर में बहुत आगे है। भारत को इस क्षेत्र में अमेरिका के साथ सहयोग करने से फायदा हो सकता है।
भारत को क्या करना चाहिए?
ऐसे में भारत के लिए अमेरिका और ब्रिक्स दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। दोनों के साथ भारत के अलग-अलग हित जुड़े हुए हैं। भारत को अपनी विदेश और आर्थिक नीति में दोनों के साथ संबंधों को संतुलित करना होगा। अमेरिका के साथ भारत को अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाए रखना चाहिए। यह बात खास तौर से टेक्नोलॉजी, डिफेंस और व्यापार के क्षेत्र में अहम है। वहीं, भारत को ब्रिक्स को एक मल्टीपोलर यानी बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। इसके जरिये भारत विकासशील देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर सकता है।

