Agency:पीटीआई
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Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट में अवैध बांग्लादेशियों से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई. केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए. यह मामला 12 साल पुराना है.
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अवैध बांग्लादेशियों से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई.
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की अनिश्चितकालीन हिरासत से जुड़े मामले पर 4 मार्च को फिर से सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत ने यह निर्णय केंद्र सरकार के इस अनुरोध के मद्देनजर लिया कि वह विदेश मंत्रालय से जानकारी लेने के बाद एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करना चाहती है, क्योंकि इस मामले के व्यापक असर हो सकते हैं. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने दलीलें सुनने के बाद मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार को मामले का जिक्र किया और कहा कि सरकार विदेश मंत्रालय से जानकारी लेने के बाद एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करना चाहती है, क्योंकि इस मामले के व्यापक असर हो सकते हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, ‘हम इस तथ्य से वाकिफ हैं कि हमने मामले की सुनवाई पूरी कर ली है और फैसला सुरक्षित रखा है. हालांकि, मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए हम रजिस्ट्री को इसे 4 मार्च को फिर से लिस्ट करने का निर्देश देते हैं.’
…और सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया समय
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सॉलिसिटरी जनरल तुषार मेहता को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की इजाजत दे दी. सुप्रीम कोर्ट साल 2013 में दायर एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसे कलकत्ता हाईकोर्ट से यहां ट्रांसफर किया गया था. शीर्ष अदालत ने 13 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए इस तथ्य पर निराशा व्यक्त की थी कि अवैध अप्रवासियों को सजा पूरी करने के बाद भी जेलों में कठोर कारावास भुगतना पड़ रहा है.
सुप्रीम कोर्ट का सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल किया था कि जिन देशों में अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया जाना है, उनसे इनकी राष्ट्रीयता का पता लगाने की जरूरत क्यों है, जबकि यह स्पष्ट है कि ये प्रवासी उस देश के नागरिक होते हुए भी अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे. बता दें कि बांग्लादेश से लगती सीमा के जरिये बड़ी संख्या में बांग्लादेशी देश में अवैध तरीके दाखिल हो जाते हैं. हालांकि, बॉर्डर पर घुसपैठ को रोकने के लिए सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है, लेकिन दुर्गम इलाकों का फायदा उठाते हुए घुसपैठिये देश में घुस आते हैं.
New Delhi,Delhi
February 14, 2025, 23:15 IST

