‘पति का कोई भी यौन कृत्य बलात्कार नहीं’
पति पर अप्राकृतिक यौन संबंध और गैर इरादतन हत्या का आरोप था। निचली अदालत ने उसे दोषी ठहराया था। लेकिन हाईकोर्ट ने उसे राहत दे दी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 15 साल से ज़्यादा उम्र की पत्नी के साथ पति का कोई भी यौन कृत्य बलात्कार नहीं है। पत्नी की सहमति का कोई मतलब नहीं रह जाता। इसलिए IPC की धारा 376 और 377 के तहत मामला नहीं बनता।
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं पर चल रही सुनवाई
यह फैसला उस समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। लेकिन सुनवाई रुक गई क्योंकि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, जो पीठ की अध्यक्षता कर रहे थे, रिटायर होने वाले थे। अब एक नई पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। केंद्र सरकार का कहना है कि शादी जैसी संस्था की रक्षा ज़रूरी है। वैवाहिक बलात्कार को अपराध बनाने की कोई ज़रूरत नहीं है। इसलिए इस मामले में फैसला लेना कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। सुनवाई के दौरान, सरकार ने यह भी कहा कि संसद ने शादी के अंदर एक विवाहित महिला की सहमति की रक्षा के लिए कई उपाय किए हैं।
पत्नी की रिपोर्ट में हुई थी अप्राकृतिक संबंधों की पुष्टि
डॉक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, पत्नी की मौत पेरिटोनिटिस और रेक्टल परफोरेशन से हुई थी। पेरिटोनिटिस पेट के अंदर की परत में सूजन होती है। रेक्टल परफोरेशन मलाशय में छेद होता है। यह दोनों गंभीर स्थितियां हैं। ये स्थितियां कई कारणों से हो सकती हैं, जिनमें संक्रमण, चोट या बीमारी शामिल हैं। इस मामले में, अदालत ने माना कि पत्नी की मौत अप्राकृतिक यौन संबंध के कारण हुई थी। लेकिन कोर्ट ने यह भी कहा कि पति के खिलाफ बलात्कार का मामला नहीं बनता। क्योंकि पत्नी 15 साल से बड़ी थी।

