वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदेश सचिव तरुण बाहेती ने कहा कि भाजपा को अब कांग्रेस से डर लगने लगा है। यह पहली बार है, जब नीमच शहर में पुतला दहन करने पर किसी पार्टी के कार्यकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। यह एफआईआर भाजपा के इशारे पर हुआ है। इससे कांग्रेस डरेगी नहीं। चाहे हजारों एफआईआर हो जाए। भाजपा की तानाशाही के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगी।
14 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज
बता दें कि गुरुवार की शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और यूथ कांग्रेस ने संयुक्त रूप से शहर के विजय टॉकीज चौराहे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया। फिर कुछ देर बात काटजू मार्केट की ओर कुछ कार्यकर्ता आए और दूसरा पुतला भी जलाया। इसे लेकर शुक्रवार को कैंट थाने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया सहित 14 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। अब भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया।
बिना अनुमति के जलाया पुतला
शुक्रवार को कैंट पुलिस ने बीएनएस की धारा 223, 3(5) के तहत कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया, राकेश सोनकर, तरुण बाहेती, इकबाल कुरैशी, इकराम पहलवान, जावेद दुर्रानी, शराफत अली, बृजेश मित्तल, आशा सांभर, बाबू सलीम, मोनू लॉक्स, हरगोविंद दीवान, राकेश अहीर, गजेंद्र यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया। कैंट थाना पुलिस ने बताया कि पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक दीवान सिंह चौहान की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। कांग्रेस के आयोजन में कलेक्टर के आदेशों का पालन नहीं किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना अनुमति के रैली निकाली। पुतला दहन भी बिना अनुमति के ही किया गया।
पुलिस पर भी खड़े हो रहे सवाल
पुतला दहन कार्यक्रम में 30 से 40 लोग शामिल थे। इनमें पूर्व विधायक नंदकिशोर पटेल सहित जिला पंचायत सदस्य मधु बंसल व अन्य कई कार्यकर्ता शामिल थे, लेकिन पुलिस ने चुनिंदा 14 लोगों पर ही मामला दर्ज किया। इसे कांग्रेस में अंदरुनी चर्चा शुरु हो गई है। पुलिस की एफआईआर में सिलेक्टिव लोगों के नाम ही हैं।

