मिड डे मील का निरीक्षण
पटना में अपने कार्यालय में बैठे एसीएस एस. सिद्धार्थ ने वीडियो कॉल किया। वीडियो कॉल को कैमूर के रामगढ़ स्थित एक स्कूल के दरबान ने उठाया। उसके बाद एस. सिद्धार्थ ने उससे बातचीत शुरू की। एस. सिद्धार्थ ने वीडियो कॉल रिसीव करने वाले से कहा कि क्या आपके यहां मिड डे मील बना है? ये कैमूर रामगढ़ है न। आपके यहां खाना बना है। बच्चे खाना खा रहे हैं। दिखाइए। बच्चों को खाते हुए दिखाइए। बच्चों को खाते हुए दिखाइए। जल्दी दिखाइए। उसके बाद उधर से दरबान ने कहा कि चाबी मंगाओ खोले और दिखाओ जल्दी।
स्कूल का निरीक्षण
उसके बाद एस. सिद्धार्थ ने कहा कि कैमरा उल्टा करिए। आप कहां घूम रहे हैं। बाहर घूम रहे हैं। यहां क्या कर रहे थे। मिड डे मील कहां चल रहा है। आपका मिड डे मिल कहां चल रहा है। आपका काम नहीं है कि बच्चे खा रहे हैं कि नहीं, उसे देखा जाए। जब बच्चे खाना खा रहे हैं, तो बच्चों के साथ रहना चाहिए न। दिखाइए हमको। खाना खाते हुए दिखाइए। उसके बाद दरबान ने कहा कि दिखा रहे हैं सर, ऐसे दिखाना होगा सर। एस सिद्धार्थ ने कहा कि नीचे दिखाइए। खड़ा काहे होंगे। बैठने दीजिए।
एस. सिद्धार्थ ने किया फोन
एस सिद्धार्थ ने फोन पर कहा कि ये क्या तरीका है खाना खिलाने का। आपको दरी लगाना था। सबको पंगत में बैठना था। ये आपका काम नहीं है। जब बच्चे खाना खा रहे हैं और बाहर घूम रहे हैं। उसके बाद एस. सिद्धार्थ ने कहा कि प्लेट कितना है, आपके पास। कितना प्लेट है बताइए। दरबान ने कहा कि प्लेट तीन सौ है। कुल 226 बच्चे आज स्कूल आए हैं। एस सिद्धार्थ ने कहा कि क्या खाना बना है। किसी बच्चे को बुलाइए। किसी बच्चे को कैमरे पर बुलाइए। क्या नाम है।
वीडियो कॉल से की बातचीत
उसके बाद एक बच्चा कैमरे पर आता है। उसके बाद एस. सिद्धार्थ उससे पूछते हैं कि क्या खाना बना है। बच्चा उधर से कहता है कि दाल, भात और सब्जी बना था। एस. सिद्धार्थ ने कहा कि क्या चीज का सब्जी बना था। बच्चे ने कहा कि आलू और गोभी का सब्जी बना था। उसके बाद बच्चे को दरबान कुछ सीखाने लगता है। एस. सिद्धार्थ कहते हैं कि आप क्यों सीखा रहे हैं। बच्चे को बोलने दीजिए।

