बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर भड़कीं हसीना
बांग्लादेश छोड़ने के बाद शेख हसीना का ये पहला सार्वजनिक संबोधन था, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख पर जमकर अटैक किए। उन्होंने इस दौरान करीब एक घंटे तक बंगाली में अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि 5 अगस्त को अगर उन्होंने बांग्लादेश नहीं छोड़ा होता तो उनके और उनकी बहन शेख रेहाना की हत्या का प्लान था। ये साजिश ठीक उसी तरह रची गई थी जैसे उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या 1975 में सेना के अधिकारियों ने की थी।
क्यों छोड़ा बांग्लादेश, शेख हसीना ने तोड़ी चुप्पी
शेख हसीना ने 5 अगस्त को ढाका छोड़ने से पहले की अराजकता का जिक्र करते हुए कहा कि सशस्त्र प्रदर्शनकारियों को गणभवन की ओर भेजने का निर्देश दिया गया था। अगर सुरक्षा गार्डों ने गोलियां चलाई होतीं, तो कई लोगों की जान चली जाती। यह 25-30 मिनट की बात थी, और मुझे जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। मैंने गार्ड से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, गोली न चलाएं।
‘बांग्लादेश में नरसंहार के मास्टरमाइंड हैं यूनुस
शेख हसीना ने आगे कहा कि आज, मुझ पर नरसंहार का आरोप लगाया जा रहा है। वास्तव में, अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस इस सुनियोजित नरसंहार में शामिल रहे हैं। इस नरसंहार के पीछे मास्टरमाइंड- छात्र कॉर्डिनेटर और यूनुस हैं। हसीना ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कर्मियों, अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों और अवामी लीग के नेताओं की हत्या कर दी गई। मस्जिदों, मंदिरों, दरगाहों, चर्चों और बौद्ध पूजा स्थलों पर हमला किया गया। हाल ही में बांग्लादेशी भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए जाने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
शेख हसीना ने उठाया चिन्मय दास की गिरफ्तारी का मुद्दा
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने कहा कि हिंदू, बौद्ध, ईसाई – किसी को भी नहीं बख्शा गया। ग्यारह चर्चों को तोड़ दिया गया है, मंदिरों और बौद्ध मंदिरों को तोड़ा गया है। जब हिंदुओं ने विरोध किया, तो इस्कॉन नेता को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों पर यह अत्याचार किस लिए हो रहा है? उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों सताया और हमला किया जा रहा है? लोगों को अब न्याय का अधिकार नहीं है। मुझे इस्तीफा देने का समय भी नहीं मिला।
मोहम्मद यूनुस को बताया सत्ता का भूखा
शेख हसीना का यह संबोधन 16 दिसंबर को बांग्लादेश के 1971 मुक्ति संग्राम में पाकिस्तानी सेना की हार की याद में मनाए जाने वाले ‘विजय दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम का हिस्सा था। पूर्व प्रधानमंत्री का नोबेल पुरस्कार विजेता यूनुस के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा है। उन्होंने बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार के प्रमुख पर ‘नरसंहार का मुख्य अपराधी’ और ‘सत्ता का भूखा’ होने का आरोप लगाया। उन्होंने मोहम्मद यूनुस पर ग्रामीण बैंक, जो उन्होंने माइक्रोफाइनेंस योजनाओं को शुरू करने के लिए स्थापित किया था, उसके संचालन में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने के आरोपों को भी दोहराया।
हसीना पर यूनुस सरकार के प्रवक्ता ने क्या कहा
शेख हसीना की इस टिप्पणी पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस के प्रवक्ता शफीकुल आलम ने रिएक्ट किया। उन्होंने ढाका में कहा कि हसीना एक ‘सामूहिक हत्या’ की आरोपी हैं और अंतरिम सरकार उनकी टिप्पणी से स्तब्ध और आश्चर्यचकित है। उनकी निगरानी में, हजारों लोग मारे गए और गायब हो गए। लाखों विपक्षी कार्यकर्ताओं पर फर्जी मामले दर्ज किए गए और अब वह बात कर रही हैं।

