लखनऊः लखनऊ पुलिस की हिरासत में मौत की घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें मोहित हवालात में लेटा हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मोहित को हिरासत में इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई और खुद को बचाने के लिए जानबूझकर वीडियो का एक छोटा सा हिस्सा लीक किया है। मोहित के भाई शोभाराम ने कहा कि उसे भी पुलिस ने हिरासत में लिया था, बाद में उसे छोड़ दिया गया।सोभाराम ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके भाई को उसके सामने बेरहमी से पीटा और वह कुछ नहीं कर सका। मोहित की मौत के बाद पुलिसकर्मी उसे अस्पताल ले गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी मोहित पांडेय काफी तकलीफ में दिखाई दे रहा है। वीडियो के मुताबिक, पुलिस लॉकअप में 8 लोग फर्श पर लेटे हैं। इनमें से एक शख्स थोड़ा दूर किनारे पर दूसरी तरफ मुंह किए लेटा है। वह काफी तकलीफ में लगता है। उसकी तकलीफ देखकर एक व्यक्ति उठकर उसके पास जाता है। उसे संभालने की कोशिश करता है लेकिन पीड़ित व्यक्ति कोई हरकत नहीं करता। जेल में ही बंद एक व्यक्ति है जो गेट पर खड़ा है और वहीं से गुहार लगा रहा है कि गेट खोल दिया जाए। उसके साथी की तबियत खराब है। कुछ देर बाद लॉकअप के बाहर एक पुलिस वाला भी दिखाई देता है।
भाई का आरोप
आरोप है कि पुलिस से उन्हें कोई मदद नहीं मिलती, जिसके बाद तकलीफ में पड़ा व्यक्ति मोहित पांडेय तड़पकर मर जाता है। मोहित के भाई सोभाराम का आरोप है कि चिनहट पुलिस ने मोहित को काफी टॉर्चर किया। उनके साथ मारपीट की, जिसके चलते उसकी हालत लॉकअप में खराब हो गई। भाई का आरोप है कि पुलिस के टॉर्चर से शनिवार दोपहर मोहित ने लॉकअप में ही दम तोड़ दिया। भाई सोभाराम ने बताया कि इसके बाद पुलिसकर्मी उनके साथ मोहित को पहले चिनहट सीएचसी ले गए। वहां से लोहिया अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से गुस्साए परिजन ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे मृतक के परिजन पर पुलिस ने बल प्रयोग उन्हें वहां से कर हटा दिया।
भाई का आरोप
आरोप है कि पुलिस से उन्हें कोई मदद नहीं मिलती, जिसके बाद तकलीफ में पड़ा व्यक्ति मोहित पांडेय तड़पकर मर जाता है। मोहित के भाई सोभाराम का आरोप है कि चिनहट पुलिस ने मोहित को काफी टॉर्चर किया। उनके साथ मारपीट की, जिसके चलते उसकी हालत लॉकअप में खराब हो गई। भाई का आरोप है कि पुलिस के टॉर्चर से शनिवार दोपहर मोहित ने लॉकअप में ही दम तोड़ दिया। भाई सोभाराम ने बताया कि इसके बाद पुलिसकर्मी उनके साथ मोहित को पहले चिनहट सीएचसी ले गए। वहां से लोहिया अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से गुस्साए परिजन ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे मृतक के परिजन पर पुलिस ने बल प्रयोग उन्हें वहां से कर हटा दिया।
बता दें कि मामले को लेकर परिजन ने अस्पताल से लेकर राजनेताओं के दरवाजे तक पर प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग की। ताजा अपडेट के मुताबिक, रविवार को संबंधित पुलिस निरीक्षक समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विभूति खंड के सहायक पुलिस आयुक्त राधारमण सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि इस मामले में मृतक मोहित की मां की शिकायत पर चिनहट थाने के निरीक्षक अश्विनी चतुर्वेदी और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इस मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मोहित की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

