पुराने निशान, नई चर्चा
बहराइच लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि यह निशान बहुत पुराने है। समय समय पर अतिक्रमण ड्राइव चलता है, उसी के तहत निशान लगाया है। यह निशान महराजगंज के अलावा अन्य जगह भी लगाए गए हैं। जो निशान के वीडियो वायरल हो रहे हैं। यह काफी पुराने हैं। समय समय पर यह करवाई होती रहती है। घटना स्थल से अतिक्रमण हटाने को लेकर उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं। गाइडलाइन के हिसाब से ही काम होगा। महसी के एसडीएम एके सिंह ने बताया कि यह निशान बहुत पुराने हैं। पब्लिक की शिकायत पर अतिक्रमण हटा था, तब यह निशान लगे थे। लोग रास्ते वगैरा बढ़ा लेते हैं। यह निशान पिछले वर्ष के हैं। आरोपियों के घर गिरने की बात को लेकर कहा कि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
बहराइच में हिंसा
वहां के मौजूद कुछ ग्रामीणों का कहना है महराजगंज कस्बे में दुकानदार टीन शेड लगाकर अतिक्रमण किए हुए हैं, जिससे रास्ता संकरा हो गया है। ज्ञात हो कि यूपी के बहराइच में विसर्जन के दौरान गोली मारकर रामगोपाल की हत्या की गई थी। उसके बाद जिले में जगह-जगह हिंसा भड़क गई थी। हालात इस कदर बेकाबू हुए थे कि स्वयं एडीजी कानून व्यवस्था व एसटीएफ चीफ अमिताभ यश एवं सचिव गृह को बहराइच आकर मोर्चा संभालना पड़ा था। घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन पीड़ित परिजन को भी दिया था। बहराइच के महाराजगंज में हुए हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए हैं। उनके पैरों में गोली लगी है। यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि एनकाउंटर के बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये सभी हिंसा के आरोपी थे।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने बताया था कि 13 अक्टूबर को महाराजगंज में एक युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में गुरुवार को बहराइच पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया। उनके नाम मोहम्मद फहीन (नामजद), मोहम्मद तालीम उर्फ सबलू, मोहम्मद सरफराज (नामजद), अब्दुल हमीद (नामजद) और मोहम्मद अफजल हैं। बता दें, यूपी के बहराइच की महसी तहसील के महाराजगंज कस्बे में रविवार शाम को गाने को लेकर हुए विवाद के बाद दूसरे समुदाय के युवकों ने पथराव शुरू कर दिया था। इससे दुर्गा प्रतिमा खंडित होने पर पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान दूसरे समुदाय के लोगों ने रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे जिले में हिंसा भड़क उठी। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए हालात सामान्य बना दिए हैं।

