अब देख सकता है मरीज
लाहौर के रहने वाले 30 वर्षीय व्यक्ति के साथ चार साल पहले एक हादसा हुआ था, जिसमें उसके चेहरे पर क्षार गिर गया था और उसकी आँखों की रोशनी चली गई थी। उनके बाएं आंख का दो बार कॉर्निया ट्रांसप्लांट भी विफल हो गया था। आखिरकार, मुंबई के एक नेत्र सर्जन डॉ. क़ुरैश मस्काती ने उनकी मदद करने का फैसला किया। डॉ. मस्काती उस मरीज से एक कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान में मिले थे। उन्हें लगा कि आर्टिफिशियल कॉर्निया से मरीज की आंख ठीक हो सकती है। हालांकि मरीज को इलाज के लिए भारत का वीजा नहीं मिल सका। जिसके बाद डॉक्टर ने उसका इलाज श्रीलंका में करने का फैसला किया।
पाकिस्तान लौट गया मरीज
डॉ. मस्काती ने बताया कि मैं कोलंबो में एक कॉन्फ्रेंस के लिए जा रहा था। इसलिए मैंने श्रीलंकाई मेडिकल काउंसिल से वहा उस मरीज का ऑपरेशन करने के लिए लाइसेंस मांगा, और उन्होंने मुझे अनुमति दे दी।डॉ. मस्काती ने स्थानीय नेत्र सर्जन डॉ. कुसुम रत्नायके की मदद से 13 सितंबर को कोलंबो में मरीज का ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के 48 घंटे के भीतर ही मरीज को आंशिक रूप से दिखाई देने लगा था। 24 सितंबर को वह अपने घर लौट गया। मरीज ने बताया कि वह चार साल बाद पहली बार अपने परिवार को देख पा रहा है। उसने बताया कि जब मैं अपने घर की अटारी साफ कर रहा था, तो क्षारीय घोल की एक बोतल टूट गई और उसकी सामग्री मेरे सिर और चेहरे पर गिर गई थी।

