श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के सोपोर में आतंकवाद विरोधी मुहिम के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. सोपोर पुलिस को इलाके में आतंकियों की संदिग्ध हलचल को लेकर एक पुख्ता खुफिया इनपुट मिला था. इस सूचना के आधार पर पुलिस और सेना के जवानों ने बोमई थाना क्षेत्र के मुकाम चेरहर जंगल में तलाशी अभियान शुरू किया. सर्चिंग के दौरान घने जंगल में एक भारी-भरकम चट्टान के नीचे छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया. इस खेप में घातक राइफलें, पिस्तौल और रिमोट कंट्रोल वाले विस्फोटक शामिल थे. समय रहते इस ठिकाने का पता चलने से घाटी में एक खूनी साजिश को नाकाम कर दिया गया है. इसके अलावा पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास भी सेना ने पांच बारूदी सुरंगों को ढूंढकर समय रहते नष्ट कर दिया.
जंगल में चट्टान के नीचे छिपाकर कौन से हथियार रखे गए थे?
मुकाम चेरहर के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को जो सामान मिला, वह किसी बड़े हमले की तैयारी की तरफ इशारा करता है. मौके से एक एके-47 और एक एके-76 राइफल के साथ चार पिस्तौल बरामद की गईं. इसके अलावा सात राइफल मैगजीन, चार पिस्तौल मैगजीन और भारी संख्या में गोलियां भी मिली हैं. जवानों को वहां से एक मल्टी ग्रेनेड लांचर और पांच राउंड भी हाथ लगे हैं.
जखीरे में केवल गोलियां ही नहीं, बल्कि रिमोट कंट्रोल से चलने वाले तीन आईईडी भी शामिल थे. इसके साथ 11 हैंड ग्रेनेड, आठ डेटोनेटर और दो टाइमर भी जब्त किए गए हैं. संदिग्ध विस्फोटक सामग्री की पुष्टि होते ही बम निरोधक दस्ते को तुरंत मौके पर बुलाया गया. इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षित करते हुए सभी खतरनाक सामान को तय कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जे में ले लिया गया.
सोपोर के घने जंगलों में छिपा मिला बारूद का जखीरा.
इस बरामदगी के तुरंत बाद बोमई पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 66/2026 दर्ज कर ली गई है. मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून यानी यूएपीए की धारा 13, 18, 20 और 23 लगाई गई है. साथ ही आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के कड़े प्रावधान भी जोड़े गए हैं.
पुलिस की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों की यह खेप जंगल तक किसने पहुंचाई. जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि यह सामान किस आतंकी नेटवर्क का था. इसके जरिए आने वाले दिनों में किस इलाके को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी, उसका पूरा खाका तैयार किया जा रहा है.
पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास सेना ने कौन सा खतरा टाला?
सोपोर में जहां हथियारों का जखीरा पकड़ा गया, वहीं दूसरी तरफ पुंछ में सेना ने नियंत्रण रेखा के पास बारूदी सुरंगों को नष्ट किया है. मेंढर सेक्टर के बसोनी टॉप इलाके में गश्ती दल ने फेंसिंग के पास दो बारूदी सुरंगों का पता लगाया था. इससे ठीक एक दिन पहले उसी इलाके से तीन अन्य बारूदी सुरंगें भी मिली थीं.
सेना के बम निरोधक दस्ते ने बिना किसी नुकसान के नियंत्रित धमाका करके इन सभी पांचों सुरंगों को नष्ट कर दिया. सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए ये सुरंगें बिछाई जाती हैं. कई बार तेज बारिश के कारण ये अपनी जगह से बहकर आगे आ जाती हैं, जिससे जवानों और स्थानीय लोगों के लिए भारी खतरा पैदा हो जाता है.

