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दिल्ली चिड़ियाघर में पिछले 20 साल से अधिक समय से अकेले रह रहे मिस्र के गिद्ध ‘जटायु’ के लिए अब साथी तलाशा जा रहा है. चिड़ियाघर प्रशासन इसके लिए दूसरे राज्यों के दो चिड़ियाघरों से बातचीत कर रहा है. जटायु कभी प्रवास के दौरान दिल्ली पहुंचा था, जिसके बाद उसे बचाकर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान लाया गया. उसके साथ रहने वाले अन्य गिद्धों की मौत के बाद वह लंबे समय से अकेला है. सिर्फ जटायु ही नहीं, दिल्ली चिड़ियाघर में 16 अन्य प्रजातियों के जानवर और पक्षी भी साथी की तलाश में हैं.
दिल्ली चिड़ियाघर में 20 साल से अधिक समय से तन्हा रह रहे मिस्र के गिद्ध ‘जटायु’ के लिए साथी की तलाश शुरू हो गई है.
दिल्ली चिड़ियाघर में इन दिनों एक खास ‘लव स्टोरी’ की तैयारी चल रही है. कहानी के हीरो है मिस्र के गिद्ध ‘जटायु’, जो पिछले 20 साल से भी ज्यादा समय से तन्हा जिंदगी गुजार रहा है. अब उम्र के इस पड़ाव पर जटायु के लिए एक साथी तलाशने की कोशिश शुरू हुई है. दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन दूसरे राज्यों के चिड़ियाघरों से बातचीत कर रहा है, ताकि जटायु की लंबी तन्हाई खत्म हो सके.
जी हां, इन जटायु महाराज की कहानी भी बेहद दिलचस्प है. वह कभी प्रवास करते हुए दिल्ली पहुंचा था. इसके बाद उसे बचाकर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान लाया गया. उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह गिद्ध आने वाले 20 से ज्यादा साल इसी चिड़ियाघर में बिताएगा और लंबे समय तक तन्हा रह जाएगा. दरअसल, जटायु के साथ पहले कुछ दूसरे गिद्ध भी रखे गए थे, लेकिन उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उनकी मौत हो गई.
धीरे-धीरे जटायु अकेला रह गया. अब चिड़ियाघर प्रशासन ने उसकी इस तन्हाई को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. अधिकारियों के मुताबिक, जटायु के लिए उपयुक्त साथी तलाशने को लेकर दो दूसरे चिड़ियाघरों से बातचीत चल रही है. हालांकि, अभी यह प्रक्रिया शुरुआती दौर में है, इसलिए यह साफ नहीं किया गया है कि बातचीत किन चिड़ियाघरों के साथ हो रही है. इसके अलावा हरियाणा के पिंजौर में चल रहे गिद्ध संरक्षण केंद्रों पर भी अधिकारियों की नजर है.
अधिकारियों की एक टीम छह सितंबर को वहां जाकर गिद्धों के संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम का जायजा लेगी. जटायु के लिए साथी तलाशने की एक बड़ी वजह यह भी है कि मिस्र के गिद्ध आमतौर पर लंबे समय तक एक ही साथी के साथ रहते हैं. चार से पांच साल की उम्र में प्रजनन शुरू करने वाले ये पक्षी अपने बच्चों की देखभाल भी मिलकर करते हैं. नर और मादा दोनों अंडे सेने से लेकर बच्चे को पालने तक जिम्मेदारी निभाते हैं.
वैसे, दिल्ली चिड़ियाघर में जटायु अकेले ऐसे जीव नहीं हैं, जिन्हें साथी की तलाश है. यहां करीब 16 ऐसी प्रजातियां हैं, जिनमें या तो सिर्फ एक ही जानवर या पक्षी मौजूद है या फिर एक ही लिंग के हैं. इनमें दो नर शुतुरमुर्ग पिछले कई साल से बिना मादा साथी के रह रहे हैं. एक नौ साल की मादा रिया भी अकेली है. इसके अलावा इंडियन ग्रे हॉर्नबिल, ग्रे लंगूर, स्मॉल इंडियन सिवेट और ब्लैक स्वान के लिए भी साथी तलाशे जा रहे हैं.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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