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1 नवंबर 2026 से नेशनल हाईवे पर टोल के नियम बदलने वाले हैं. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक कुछ स्थानीय निवासियों को निजी वाहनों के लिए सालाना रियायती टोल पास मिल सकेगा. नगरपालिका या स्थानीय निकाय की सीमा से बाहर रहने वाले पात्र लोगों के लिए पास की कीमत 1,500 रुपए होगी. वहीं सीमा के भीतर रहने वाले पात्र निवासियों को 3,000 रुपए देने होंगे. हालांकि यह सुविधा सभी को अपने आप नहीं मिलेगी. संबंधित टोल प्लाजा के नियम और पात्रता की शर्तें लागू होंगी. वैकल्पिक सर्विस रोड उपलब्ध होने या विशेष टोल व्यवस्था लागू होने पर पास नहीं मिल सकता. आवेदन से पहले अपनी पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है.
1 नवंबर 2026 से नेशनल हाईवे पर पात्र स्थानीय लोगों के लिए सालाना रियायती टोल पास के नए नियम लागू होंगे. (फाइल फोटो)
नेशनल हाईवे से रोजाना गुजरते हैं और हर बार टोल टैक्स देना पड़ता है तो आपके लिए एक जरूरी अपडेट है. केंद्र सरकार ने टोल नियमों में बदलाव किया है. नए नियम 1 नवंबर 2026 से लागू होने हैं. इसके तहत कुछ स्थानीय लोगों को अपने निजी वाहन के लिए सालाना रियायती टोल पास मिल सकेगा. लेकिन ध्यान रहे कि यह सुविधा हर किसी को नहीं मिलने वाली है. इसमें यह देखा जाएगा कि आप कहां रहते हैं और संबंधित टोल प्लाजा पर किस तरह की व्यवस्था लागू है. पात्र लोगों को सालाना पास के लिए 1,500 रुपए या 3,000 रुपए देने पड़ सकते हैं. ऐसे में हाईवे पर रोजाना सफर करने वालों के लिए यह जानना जरूरी है कि उन्हें किस दर पर पास मिलेगा और किन शर्तों का पालन करना होगा.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक इस सुविधा का लाभ पात्र स्थानीय निवासी अपने निजी वाहनों के लिए ले सकेंगे. नगर पालिका या स्थानीय निकाय की सीमा से बाहर रहने वाले पात्र लोगों के लिए सालाना पास की कीमत 1,500 रुपए होगी. वहीं ऐसी सीमा के भीतर रहने वाले पात्र निवासियों के लिए सालाना पास की कीमत 3,000 रुपए तय की गई है. हालांकि केवल स्थानीय निवासी होने से पास मिलने की गारंटी नहीं है. संबंधित टोल प्लाजा पर लागू नियम और पात्रता की शर्तें भी देखी जाएंगी. कुछ मामलों में वैकल्पिक सड़क उपलब्ध होने या टोल वसूली की विशेष व्यवस्था होने पर इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा.
नगरपालिका से बाहर रहने वालों को 1,500 रुपए का पास
नए नियमों के मुताबिक नगर पालिका या स्थानीय निकाय की सीमा से बाहर रहने वाले पात्र लोगों को निजी वाहन के लिए सालाना 1,500 रुपए का रियायती टोल पास मिल सकता है. यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें अपने घर से काम या दूसरे जरूरी कामों के लिए नियमित रूप से हाईवे के टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है. हालांकि पास जारी होने से पहले संबंधित व्यक्ति की पात्रता और टोल प्लाजा पर लागू शर्तों की जांच जरूरी होगी.
नगरपालिका की सीमा में रहने वालों के लिए 3,000 रुपए
नगर पालिका या स्थानीय निकाय की सीमा के भीतर रहने वाले पात्र लोगों के लिए सालाना पास की कीमत 3,000 रुपए होगी. यानी दोनों श्रेणियों के लिए पास की कीमत अलग-अलग रखी गई है. इसलिए आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपका निवास किस श्रेणी में आता है. केवल टोल प्लाजा के नजदीक रहने के आधार पर रियायती पास मिलने का दावा नहीं किया जा सकता. पात्रता की पुष्टि संबंधित नियमों के अनुसार ही होगी.
किन लोगों को नहीं मिलेगा रियायती पास?
यह छूट हर वाहन या हर व्यक्ति को अपने आप नहीं मिलेगी. अधिसूचना के मुताबिक जिन टोल प्लाजा पर वसूली तय उपयोग के आधार पर होती है वहां यह रियायत लागू नहीं होगी. इसके अलावा अगर निजी वाहन के इस्तेमाल के लिए कोई वैकल्पिक सर्विस रोड या सड़क उपलब्ध है तो भी रियायती पास जारी नहीं किया जाएगा. ऐसे में पास के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित टोल प्लाजा पर नियमों की लागू स्थिति पता करना जरूरी है.
पास लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नए नियम 1 नवंबर 2026 से लागू होने हैं. पात्र स्थानीय लोगों को पास की कीमत और आवेदन की शर्तों की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए. यह भी देखना जरूरी होगा कि संबंधित टोल प्लाजा पर कौन-सी व्यवस्था लागू है और वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है या नहीं. अगर आप रोजाना हाईवे से सफर करते हैं तो सालाना पास से खर्च में राहत मिल सकती है. लेकिन यह लाभ पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करेगा. नियमों की अंतिम पुष्टि के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना देखना बेहतर होगा.
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सुमित कुमार हिंदी पत्रकारिता का एक उभरता और सक्रिय नाम हैं. वर्तमान में वे News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और सेंट्रल डेस्क टीम का हिस्सा हैं. पिछले चार साल से वे Network18

