धोनी ने हार के बाद क्या कहा?
टीम की हालिया हार के बाद कप्तान धोनी ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी टीम लगातार विकेट गंवाती रही, जिससे मुकाबले पर पकड़ बनाना मुश्किल हो गया। कप्तान ने पहले पारी की पिच को बेहतर बताया लेकिन यह भी माना कि 155 रनों का स्कोर उस पिच पर न्यायसंगत नहीं था क्योंकि गेंद अधिक टर्न नहीं हो रही थी। उन्होंने कहा कि ‘हां, 8 से 10 ओवर के बाद तेज गेंदबाजों के लिए पिच थोड़ी अलग हो गई थी, लेकिन ऐसा कुछ अलग सा नहीं था। हमें बोर्ड पर कुछ और रन जरूर जोड़ने चाहिए थे।
टीम रह गई 15-20 रन कम
धोनी ने कहा, ‘दूसरी पारी में स्पिनरों को थोड़ी मदद जरूर मिली और उन्होंने अच्छी लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की, लेकिन फिर भी टीम लगभग 15-20 रन कम रह गई। कप्तान ने ब्रेविस की बल्लेबाजी की तारीफ की और कहा कि टीम को मिडल ऑर्डर में ऐसे ही किसी बल्लेबाज की जरूरत है, खासकर तब जब स्पिनर अटैक में आते हैं। हमें बल्लेबाजी से या बड़े शॉट्स के जरिए उस दबाव से निकलने की जरूरत है। यही वो जगह है जहां हम पीछे रह गए हैं और स्पिन के खिलाफ तेजी से रन बनाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे टूर्नामेंट में कुछ जगह सुधार कर टीम को मजबूत किया जा सकता है, लेकिन जब ज्यादातर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे होते तो बदलाव जरूरी हो जाता है।
खिलाड़ियों को बाहर करना मजबूरी
धोनी ने अपने बयान में आगे कहा कि आप कुछ खिलाड़ियों को अतिरिक्त मौके दे सकते हैं, लेकिन जब चार खिलाड़ी एक साथ फ्लॉप हो जाएं, तो बदलाव करना मजबूरी बन जाती है। हम बोर्ड पर पर्याप्त रन नहीं बना पा रहे हैं, और यह आज के समय में बहुत जरूरी है। जरूरी नहीं हर मैच में 180-200 रन बनें, लेकिन हालात को समझकर रन बनाने होंगे। धोनी के इन बातों से यह तो साफ हो गया है कि वह टीम के प्रदर्शन बेहद निराश हैं और अपने खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।

