फरीदाबाद: हस्तरेखा शास्त्र और ज्योतिष में शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर तिल को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. खासकर हथेली पर तिल हो तो लोग इसे काफी खास मानते हैं. अक्सर लोग सोचते हैं हथेली पर तिल होना अच्छा है या बुरा? और अगर तिल है तो आखिर उसका मतलब क्या निकलता है? कई लोग इसे सीधे किस्मत से जोड़ देते हैं और मानते हैं कि हथेली पर तिल इंसान के स्वभाव भाग्य या भविष्य के बारे में बहुत कुछ बता देता है. तिल का रंग, उसका स्थान और किस हाथ में है इन सब बातों से उसका मतलब बदल जाता है.
हथेली पर तिल होने का संकेत
यही सब जानने के लिए Local18 ने फरीदाबाद के मशहूर ज्योतिषाचार्य पंडित उमाचंद्र मिश्रा से बात की. उन्होंने बताया कि हथेली पर तिल होना अपने आप में कई संकेत छुपाए रहता है. किसी के तिल काले होते हैं तो किसी के लाल या भूरे. ज्योतिष में तिल का रंग भी बहुत मायने रखता है.
हथेली पर काले रंग का तिल ज्यादातर नकारात्मक
पंडित उमाचंद्र मिश्रा का कहना है कि हथेली पर काले रंग का तिल ज्यादातर नकारात्मकता की तरफ इशारा करता है. इसे अशुभ मानते हैं और कहा जाता है कि ऐसे लोगों को जिंदगी में कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं. दूसरी तरफ अगर तिल लाल या भूरे रंग का हो तो इसे अच्छा संकेत माना जाता है. ऐसे लोग आमतौर पर फायदे में रहते हैं.
हथेली के अलग-अलग हिस्सों में तिल होने का मतलब
उन्होंने यह भी बताया कि हथेली के अलग-अलग हिस्सों में तिल होने का मतलब भी अलग होता है. अगर हथेली के ऊपर वाले हिस्से में लाल या भूरे रंग का तिल हो तो ऐसे लोग अक्सर सरकारी नौकरी या प्रशासन से जुड़े कामों में आगे बढ़ते हैं. इन्हें सरकार से भी फायदा मिल सकता है.
अगर अंगूठे के नीचे यानी शुक्र पर्वत के पास तिल हो तो ऐसे लोग बहुत मेहनती और कर्मठ होते हैं. अपनी मेहनत से आगे बढ़ते हैं. वहीं हथेली के बीच में तिल हो तो ये धन लाभ का संकेत है. ऐसे लोगों को आर्थिक फायदा मिलता है.
हथेली में हृदय रेखा के पास तिल हो तो
पंडित मिश्रा ने बताया कि अगर हथेली में हृदय रेखा के पास तिल हो, तो ऐसे लोगों का स्वास्थ्य अक्सर कमजोर होता है. लेकिन अगर हथेली के बीच में ऐसा तिल है जो मुट्ठी बंद करने पर छिप जाए तो उसे बहुत शुभ माना जाता है. शास्त्रों में भी इसका जिक्र है.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि दाहिनी हथेली पर तिल हो तो इसे शुभ मानते हैं, जबकि बाईं हथेली पर तिल आमतौर पर अशुभ संकेत देता है. लेकिन किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरी हथेली की रेखाएं और बाकी संकेत भी देखना जरूरी है.

