नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने दो अलग अभियानों में आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से नौ सीसीटीवी कैमरे को रिकवर किया गया है. देश के अलग-अलग हिस्सों में इन लोगों ने सीसीटीवी कैमरे लगाए थे. यह जानकारी अतिरिक्त सीपी स्पेशल सेल प्रमोद सिंह कुशवाह ने दी.
प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि क्रॉस बॉर्डर से स्मलिंग करके लाई गई चार पिस्टल भी मिली हैं. इस मॉड्यूल के बारे में समझ में आया है कि पाकिस्तान की आईएसआई और बीकेआई नेटवर्क इस मॉड्यूल को चला रहा था. इन्होंने कैमरे लगाने में लड़कों का इस्तेमाल किया है. आम स्मलिंग से जो पैसा इनको मिलता था, उसी पैसे से कैमरे खरीदे जाते थे.
उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे को लगाने के लिए ये सुरक्षा और रक्षा प्रतिष्ठानों के आस-पास की सड़कों को चुनते थे, जिससे कि इस इलाके का लाइव मूवमेंट मॉनिटर किया जा सके. प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि ज्यादातर लड़के पंजाब के हैं. राजेश और रोहित के अलावा कुछ और लड़के दिल्ली के हैं. उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे अलग-अलग कंपनियों के हैं.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े एक बड़े जासूसी और आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने देश के संवेदनशील इलाकों में सोलर पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगाकर जासूसी की थी.
आरोपियों ने देशभर में 9 संवेदनशील जगहों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले छिपे हुए सीसीटीवी कैमरे लगाए थे. यह नेटवर्क न सिर्फ जासूसी कर रहा था, बल्कि आतंकी गतिविधियों और हथियार तस्करी से भी जुड़ा था. सूत्रों के मुताबिक ये पूरा मॉड्यूल और पाकिस्तान में बैठे इनके हैंडलर्स भारत मे सिक्योरिटी एजेंसी इलाकों में ग्रेनेड अटैक करने का फाइनल प्लान कर रही थी.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को हाल में गाजियाबाद में बस्ट हुए टेरर मॉड्यूल के बाद से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि गाजियाबाद के मॉड्यूल जो सेंसेटिव इलाको में सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल कर लाइव फीड पाकिस्तान भेज रहे थे. इसी तरह पाकिस्तान बेस्ड हैंडलर्स इसी तरह का एक और मॉड्यूल पंजाब और दिल्ली में चला रहे है.
स्पेशल सेल की दो टीमो ने इस मॉड्यूल पर काम करना शुरू किया. स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारों पर भारत मे हथियार तस्करी, ग्रेनेड अटैक की प्लांनिग और थर्मल सोलर सीसीटीवी कैमरों के जरिए जासूसी के रैकेट का भांडाफोड़ किया है.
सबसे पहले स्पेशल सेल की एनडीआर टीम ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें 3 पंजाब और 3 दिल्ली से है. इनकी निशानदेही पर 9 सीसीटीवी सोलर कैमरे जिन्हें सिक्योरिटी एजेंसी सेंसेटिव एरिया के पास इंस्टॉल किया गया था इन्हें अनइंस्टॉल कर बरामद किया गया, ये कैमरे डिफेंस बेस्ड के बेहद नजदीक लगाए गए थे.
आरोपी खुद को सिविल विभाग का बताकर सरकारी सीसीटीवी कैमरे लगाने का झांसा देते थे ताकि किसी को इनपर शक न हो. सिम के जरिए इन सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान के हैंडलर्स को डायरेक्ट भेजी जाती थी, पाकिस्तान के हैंडलर्स इस फीड के जरिए हमारी डिफेंस मूवमेंट पर नजर रख रहे थे. ये आरोपी यूपीआई एकाउंट्स के जरिए फंड लिया करते थे जिनका इस्तेमाल हथियार तस्करी के लिए किया जाता था.
दूसरे ऑपरेशन जिसको स्पेशल सेल की SWR टीम हैंडल कर रही थी. मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट के बाद 5 आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया जो सेंसेटिव इलाकों की वीडियो फोटोज शेयर कर रहे थे.
पहले ऑपरेशन में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल है:
1 – मनप्रीत जो पंजाब के तरनतारन का रहने वाला है और इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड है जो सीधा पाक बेस्ड हैंडलर के सम्पर्क में था.
2 – अनमोल जो पंजाब फिरोजपुर का रहने वाला है.
3 – साहिल, पंजाब फिरोजपुर
4 – अतुल राठी , रोहिणी दिल्ली ( हथियार तस्करी में शामिल )
5 – रोहित, रोहिणी दिल्ली
6 – अजय, दिल्ली
दूसरे ऑपरेशन में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया इनमें शामिल है:
1 – गुरजीत सिंह पंजाब कपूरथला.
2 – रिम्पलदीप, फाजिल्का पंजाब
3 – सलविंदर सिंह, फाजिल्का पंजाब
4 – हरप्रीत सिंह, मोगा पंजाब
5 – बूटा सिंह, फाजिल्का पंजाब
9 सोलर सीसीटीवी कैमरे जिनमें 9 सिमकार्ड लगाकर पाकिस्तान लाइव फीड भेजी जा रही थी. ये कैमरे इन जगहों पर लगाए गए थे.
कपूरथला, जलंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ, राजस्थान का बीकानेर और अलवर इलाका.
इनके पास से 3 PX5 पिस्टल, 1 देसी पिस्टल, 24 जिंदा कारतूस, हथियारों को रिसीव करने के लिए दो गाड़ियां, दो मोटरसाइकिल जिन्हें सेंसटिव इलाको की रेकी करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था, 24 मोबाइल फोन बरामद किए गए है.
पाक बेस हैंडलर्स के इंस्ट्रक्शंस पर मनप्रीत ने 7 विदेशी पिस्टल, 56 जिंदा कारतूस रिसीव किए और आगे डिलीवर किए. मनप्रीत ने ही फर्जी दस्तावेजों पर मोबाइल सिम अरेंज की और पाक बेस्ड हैंडकर्स के कॉन्टेक्ट्स को पंजाब में सप्लाई की. इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल सेंसेटिव इलाकों में लगाए गए सोलर सीसीटीवी कैमरों में लाइव फीड पाकिस्तान भेजने के लिए किया जाता था.
आरोपियों का प्रोफ़ाइल भी बहुत इंटरस्टेड है.
1- मनप्रीत सिंह – मनप्रीत ने बीसीए किया हुआ है, शादी नही की, इनक्रिप्टेड ऐप के जरिए पाकिस्तान बेस्ड हैंडलर्स के सम्पर्क में आया, हथियार रिसीव और डिलीवर किए, सिम कार्ड अरेंज किए.
2 – अनमोल – दसवीं पास है, वॉल पेपर पेस्टिंग का काम करता था, इनक्रिप्टेड ऐप के जरिए पाक हैंडलर्स के सम्पर्क में आया, अपने साथी साहिल के जरिए पंजाब के डिफेंस सेंसेटिव इलाकों में इसी ने सोलर सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए.
3 – साहिल – 12वीं पास है, शादी नहीं की, अनमोल के साथ सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए.
4 – अतुल राठी – न्यूजीलैंड ने एमबीए की डिग्री हासिल की, 2004 में इंडिया वापिस आया, इनक्रिप्टेड ऐप से पाकिस्तान हैंडलर के सम्पर्क में आया, 4 विदेशी पिस्टल रिसीव की मनप्रति से.
5 – रोहित – एमबीए, अतुल राठी के साथ पंजाब से हथियारों की तस्करी.
6 – अजय – हथियार की तस्करी.
7 – गुरजीत सिंह – आर्मी कैंट इलाकों के फोटो वीडियो पाक बेस्ड हैंडलर्स को भेजना
8 – रिमल्दीप सिंह – आर्मी, बीएसएफ की लोकेशन फोटो शेयर करना पाक बेस्ड हैंडलर्स को.
9 – हरप्रति सिंह – ड्रग्स स्मगलिंग, पाक बेस्ड हैंडलर्स को इन्फॉर्मेशन देना आर्म्ड फोर्सेस की.
10 – सलविंदर सिंह – रिमन्दीप के साथ मिलकर सेंसेटिव इलाकों की फोटोग्राफी, फ़ोटो वीडियो शेयर करना.
11 – बूटा सिंह – बीएसएफ, आर्मी कन्टोन्मेंट इलाकों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी पाक बेस्ड हैंडलर्स को भेजना.
इस ऑपरेशन के जरिए पाक बेस्ड ISI – BKL द्वारा युवाओं को पैसे का लालच देकर आर्मी, डिफेंस, बीएसएफ के सेंसेटिव इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगवाकर लाइव फीड देकर सेंसेटिव, मूवमेंट इन्फॉर्मेशन के लिए जासूसी करने का मॉड्यूल खुलकर सामने आया है. हथियार सप्लाई, टेरर एक्टिविटी, सीसीटीवी के जरिए इन्फॉर्मेशन और फिर आर्म, डिफेंस इलाको में ग्रेनेड अटैक करने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. स्पेशल सेल के मुताबिक आरोपियों द्वारा बताए गए लगभग सभी इलाको से 9 सोलर सीसीटीवी कैमरे हटवा दिए गए है लेकिन अभी भी ऑपरेशन जारी है.

