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Cauliflower Pest Control Tips: मिथिलांचल में फूलगोभी की फसल पर अदृश्य कीट के हमले से किसान परेशान हैं. ये कीड़े सुबह दिखते और दिन में छिप जाते हैं. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सुबह खेत की निगरानी कर कीट की सही पहचान करने और बिना विशेषज्ञ सलाह के कीटनाशक न छिड़कने की सलाह दी है.
Cauliflower Farming Tips: सर्दियों की प्रमुख सब्जियों में शामिल फूलगोभी की खेती मिथिलांचल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जाती है. दरभंगा के अलावा समस्तीपुर और मधुबनी जिले में भी किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती करते हैं. बाजार में फूलगोभी की अच्छी मांग होने के कारण किसान हर साल इसकी खेती बड़े पैमाने पर करते हैं. इस बार फूलगोभी की खेती करने वाले किसानों के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है. खेतों में लगाए गए फूलगोभी के छोटे-छोटे पौधों पर कीड़ों का प्रकोप देखने को मिल रहा है. खास बात यह है कि ये कीड़े दिन में दिखाई नहीं देते हैं. जिससे किसानों के लिए इनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है. जानिए इससे बचाव का तरीका.
सूर्योदय से पहले खेत पहुंच रहे किसान
स्थानीय किसानों ने बतलाया कि यह कीड़ा सुबह के समय फूलगोभी के पौधों पर दिखाई देता है. धूप निकलने के बाद छिप जाता है. यही वजह है कि किसान सूर्योदय से पहले खेतों में पहुंचकर पौधों की निगरानी कर रहे हैं. लगातार निगरानी के बावजूद कीड़ा आसानी से पकड़ में नहीं आ रहा है. इस अदृश्य कीड़े के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. छोटे पौधों पर इसका असर अधिक दिखाई दे रहा है. जिससे किसानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है.
कृषि वैज्ञानिक ने बताया कीड़े की पहचान का तरीका
मामले को लेकर जब डॉ.राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एस.के.सिंह से बात की गई तो उन्होंने किसानों को महत्वपूर्ण सलाह दी. डॉ.सिंह ने बतलाया कि किसानों को सबसे पहले सूर्योदय के समय खेत में जाकर फूलगोभी के पौधों की पत्तियों के पिछले हिस्से को बारीकी से देखना चाहिए. सुबह के समय कीड़ा पत्तियों के पीछे छिपा मिल सकता है. उन्होंने बताया कि कीड़े की सही पहचान होने के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि उसके नियंत्रण के लिए किस दवा का इस्तेमाल किया जाए. बिना कीड़े की पहचान किए किसी भी दवा का छिड़काव करना प्रभावी नहीं होगा.
दुकानदार की सलाह पर दवा का छिड़काव न करें
कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को सलाह दी है कि वे केवल किसी दवा दुकानदार की सलाह पर कीटनाशक का छिड़काव न करें. सबसे पहले कृषि वैज्ञानिकों या कृषि विशेषज्ञों से संपर्क कर कीड़े की सही पहचान कराएं. उसके बाद ही उचित दवा का इस्तेमाल करें. फिलहाल फूलगोभी के छोटे पौधों पर हो रहे इस कीड़े के प्रकोप से मिथिलांचल के किसानों की चिंता बढ़ी हुई है. किसान सुबह-सुबह खेतों में पहुंचकर पौधों की निगरानी कर रहे हैं. ताकि समय रहते समस्या की पहचान कर फसल को बचाया जा सके.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
