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Ganga Expressway : 5 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ और गंगा एक्सप्रेसवे को आज जनता को सौंप दिया गया. यूपी के पूरब को पश्चिम से जोड़ने वाली यह सड़क सिर्फ एक प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके जरिये दिल्ली से बिहार और बंगाल तक जाना आसान हो जाएगा. अगर आप भी सोच रहे कि गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ यूपी के दो छोर को जोड़ने के लिए बना है तो जरा इस रूट पर नजर डालिए और तस्वीर खुद साफ हो जाएगी.
गंगा एक्सप्रेसवे असल में देश के किन शहरों और राज्यों को आपस में जोड़ेगा, इसका गणित जानने के लिए हम राजधानी दिल्ली को ही केंद्र में रखकर चलते हैं. समझते हैं कि अगर आप दिल्ली या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के किसी हिस्से में रहते हैं और गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते जाना चाहते हैं तो कहां-कहां पहुंचना आसान हो जाएगा. इसमें यूपी के शहर तो होंगे ही, आगे बिहार और बंगाल तक का रूट बन जाएगा.
सबसे पहले बात करते हैं प्रयागराज की. अगर आप दिल्ली से मेरठ एक्सप्रेसवे से निकलते हैं महज 1 घंटे की दूरी पर आपको गंगा एक्सप्रेसवे मिल जाएगा. मेरठ के बिजौली गांव के पास आपको गंगा एक्सप्रेसवे का इंटरलिंक मिल जाएगा और एक बार इस पर चढ़ गए तो फिर 6 से 7 घंटे में आप प्रयागराज पहुंच जाएंगे. इसका मतलब है कि दिल्ली से महज 8 घंटे में आप प्रयागराज तक का सफर तय कर सकते हैं, जिसमें अभी 12 से 14 घंटे आराम से लग जाते हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे आपको सिर्फ मेरठ से प्रयागराज तक ही नहीं ले जाएगा, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले 12 जिलों तक जाना भी अब और आसान हो जाएगा. इसके जरिये मेरठ, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ तक जाना भी आसान होगा. उन्नाव के पास यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट होता है और आप आसानी से कानपुर या फिर लखनऊ तक जा सकते हैं.
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दिल्ली से चलकर आप वाराणसी जाना चाहते हैं तो गंगा एक्सप्रेसवे इस सफर को भी काफी आसान बना सकता है. गंगा एक्सप्रेसवे जब प्रयागराज से जुड़ जाएगा तो यहां से वाराणसी से लिए महज 2 घंटे की दूरी रह जाएगी. इसका मतलब है कि आप दिल्ली से महज 9 घंटे के सफर में वाराणसी तक भी आसानी से पहुंच सकते हैं. प्रयागराज और वाराणसी के बीच महज 120 किलोमीटर की दूरी है, जिसे 2 घंटे में आसानी से पूरा किया जा सकता है.
दिल्ली से गोरखपुर तक जाने वालों के लिए भी यह एक्सप्रेसवे किसी लाइफलाइन से कम नहीं है. आप मेरठ से गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं, जो आगे जाकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होता है. सालभर पहले ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को गोरखपुर से जोड़ने के लिए 90 किलोमीटर का एक लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जा चुका है. इस दूरी को आप महज 1 घंटे में पूरा कर सकते हैं. इसका मतलब है कि दिल्ली से गोरखपुर तक आप 8 घंटे से भी कम समय में पहुंच सकते हैं.
दिल्ली से यूपी ही नहीं, बिहार तक जाने वालों के लिए भी यह एक्सप्रेसवे किसी वरदान से कम नहीं होगा. अगर आप छपरा जाना चाहते हैं तो पहले दिल्ली से मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाएं और यहां से गंगा ई-वे पकड़ें. यह ई-वे आगे जाकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जो गाजीपुर में बन रहे बलिया-मांझी (छपरा) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ता है. यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 2026 के आखिर तक तैयार होने का अनुमान है. तब गाजीपुर से छपरा तक जाने में महज डेढ़ घंटे का समय लगेगा. इसका मतलब है कि आप 9 से 10 घंटे में ही दिल्ली से छपरा तक का सफर पूरा कर सकेंगे.
गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी यहीं खत्म नहीं होती है, बल्कि आप दिल्ली से सिलीगुड़ी यानी पश्चिम बंगाल तक इसी रास्ते से जा सकते हैं. इसके लिए आपको पहले ऊपर बताए हुए रूट से गोरखपुर तक पहुंचना होगा और फिर गोरखपुर से पश्चिम बंगाल तक बन रहे एक्सप्रेसवे को पकड़ना पड़ेगा. यह एक्सप्रेसवे भी अगले 2 साल में तैयार हो जाएगा. गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक बन रहे इस एक्सप्रेसवे से पटना, सीवान सहित बिहार के अन्य शहरों तक पहुंचना भी काफी आसान हो जाएगा. जाहिर है कि दिल्ली से बिहार की कनेक्टिविटी तो बेहतर होगी ही, पश्चिम बंगाल तक जाना भी काफी आसान हो जाएगा.
अभी तक तो आप दिल्ली से पूरब की तरफ सफर कर रहे थे, लेकिन अब यह एक्सप्रेसवे आपको हरिद्वार तक जाने में भी मदद करेगा. सरकार ने मेरठ से इस एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक ले जाने के लिए एक और लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी कर ली है. आप दिल्ली-एनसीआर से मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते हरिद्वार तक बनने वाले लिंक एक्सप्रेसवे तक पहुंच जाएंगे और यह सफर भी महज 2 से 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.

