Last Updated:
Sikkim Tunnel Collapse: सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. बुधवार को एक और मजदूर का शव मिलने के बाद मृतकों का आंकड़ा 17 पहुंच गया है. शुरुआती जांच में मीथेन गैस विस्फोट को हादसे की वजह माना गया है.
सिक्किम के नामची में एनएचपीसी तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे की वजह से 13 मजदूरों की मौत हो गई है.
Sikkim Tunnel Collapse: क्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एनएचपीसी तीस्ता चरण-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. बुधवार को सुरंग के भीतर से एक और मजदूर का शव बरामद किया गया है. इसके साथ, अब तक इस हादसे में 17 मजदूरों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार, सुरंग ढहने की इस घटना में कुल 20 मजदूरों की मौत हुई थी. बाकी लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चल रहा है.
अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के अंदर बड़ी मात्रा में पानी और कीचड़ भर जाने से कुछ समय के लिए बचाव कार्य रोकना पड़ा था. हालांकि बुधवार सुबह हालात कुछ बेहतर होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया. रेस्क्यू टीम का पहला मकसद सुरंग से पानी निकालना और फिर अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है. रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ की टीम के साथ आसनसोल से पहुंची स्पेशल टीम को भी लगाया गया है. दोनों टीमें तड़के से ही लगातार काम कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि सुरंग के भीतर हालात बेहद मुश्किल हैं, बावजूद इसके ऑपरेशन बिना रुके जारी है.
- एनएचपीसी के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि चट्टानों के बीच फंसी मीथेन गैस में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ था. इसी विस्फोट के कारण सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था. धमाके के बाद सुरंग के अंदर घना धुआं और जहरीली गैसें भर गईं, जिससे वहां मौजूद मजदूरों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया.
- घटनास्थल पर मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी लगातार तैनात हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव कर्मियों और प्रभावित लोगों को तुरंत इलाज मिल सके. कई एजेंसियां मिलकर चौबीसों घंटे राहत कार्य में लगी हुई हैं. इनमें जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनएचपीसी, पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और स्थानीय प्रशासन शामिल हैं.
- हादसे के बाद मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की गई है. एनएचपीसी ने प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है. कंपनी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
- इससे पहले सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी. वहीं, प्रधानमंत्री की ओर से भी मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि घोषित की जा चुकी है.
- इस हादसे का असर झारखंड के कई परिवारों पर भी पड़ा है. झारखंड सरकार के अनुसार, नामची में चल रहे इस निर्माण कार्य में खूंटी, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम के कम से कम चार श्रमिक काम कर रहे थे. इनमें से दो की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य अब भी लापता हैं.
झारखंड सरकार लगातार संपर्क में है. प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इस मुश्किल समय में सरकार की पूरी संवेदना पीड़ित परिवारों के साथ है. सरकार की तरफ से सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से प्रभावित झारखंडी श्रमिकों को हरसंभव मदद देने का अनुरोध किया है. – हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
About the Author
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
और पढ़ें

