दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पिछले तीन दिनों से हालत ऐसे बने हुए हैं कि जिन्हें डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेकर अस्पताल पहुंचना है, उन्हें पहले एक बार फोन कर यह कन्फर्म कर लेना चाहिए कि उनकी सेवा उपलब्ध है भी या नहीं. सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की के आरोपों ने अस्पताल का माहौल इतना गर्म कर दिया है कि रेजिडेंट डॉक्टरों ने कई महत्वपूर्ण सेवाओं से खुद को पीछे खींच लिया है. इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
28 नवंबर की सुबह CTVS ICU में एनेस्थीसिया विभाग के एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ विभागाध्यक्ष (CTVS) डॉ. अनुराग गुप्ता द्वारा कथित तौर पर अभद्रता और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया. रेजिडेंट डॉक्टर्स का आरोप है कि घटना की शिकायत उसी दिन अस्पताल प्रशासन को दे दी गई थी, लेकिन 72 घंटे बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. यहीं से डॉक्टरों का गुस्सा भड़क गया.
‘मीटिंग में बनी राजी, बाहर आकर मुकरे’
घटना के बाद डायरेक्टर, अस्पताल प्रशासन, RDA और एनेस्थीसिया रेजिडेंट्स की कई बैठकें हुईं. इनमें यह तय हुआ कि CTVS के HOD विभाग में रेजिडेंट्स डॉक्टर के सामने मौखिक माफी मांगेंगे और लिखित माफीनामा भी दिया जाएगा. डायरेक्टर की ओर से भी एक आधिकारिक पत्र जारी होना था. लेकिन रेजिडेंट डॉक्टर्स के अनुसार, प्रशासन मीटिंग में हुई सहमति से पीछे हट गया और अब किसी भी पत्र में माफी शब्द शामिल करने से साफ इनकार कर रहा है. इससे रेजिडेंट्स की नाराजगी और बढ़ गई.
इलेक्टिव सेवाओं को डॉक्टर्स ने कहा नो
प्रशासन के रुख से असंतुष्ट एनेस्थीसिया रेजिडेंट्स और RDA ने घोषणा की कि वे कल यानी बुधवार से ओपीडी, इलेक्टिव सर्जरी और OT की सभी वैकल्पिक सेवाओं में हिस्सा नहीं लेंगे. इससे अस्पताल की CTVS यूनिट, जहां हार्ट और लंग्स से जुड़ी गंभीर सर्जरी होती है, लगभग ठप पड़ गई है. हालांकि इमरजेंसी सेवाएं सामान्य रूप से चालू हैं, लेकिन रूटीन सर्जरी और ऑपरेशन स्थगित किए जा रहे हैं.
FAIMA भी उतरी मैदान में, चेतावनी जारी
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी FAIMA ने RDA का साथ देते हुए अस्पताल प्रशासन से तुरंत लिखित माफी जारी करने की मांग की है. संगठन का कहना है कि यदि ऐसा नहीं होता तो देशभर की RDAs सामूहिक रूप से हड़ताल पर जा सकती हैं, जिसका असर राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा.
मरीज और परिजन हुए परेशान
विवाद के चलते अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में भ्रम का माहौल है. कई लोग बिना इलाज लौट रहे हैं, कुछ को अगले दिन आने को कहा जा रहा है. यही कारण है कि अस्पताल जाने से पहले फोन पर उपलब्ध सेवाओं की स्थिति पता करना अब बेहद जरूरी हो गया है. सफदरजंग अस्पताल प्रशासन पर अब दबाव है कि वह विवाद को जल्द सुलझाए, वरना हालात लंबी हड़ताल की तरफ बढ़ सकते हैं. मरीजों की बढ़ती चिंता और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर उठते सवाल, दोनों ने मिलकर इस महत्वपूर्ण सरकारी अस्पताल को अस्थिर मोड़ पर ला खड़ा किया है.

