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उच्च सदन में एनडीए अब बहुत मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. सत्तारूढ़ गठबंधन दो-तिहाई बहुमत से अभी 18 सदस्य दूर है. वहीं बीजेपी साधारण बहुमत से सिर्फ 10 सांसद पीछे रह गई है. राज्यसभा में अब एनडीए के पास 145 सांसदों का भारी समर्थन हो गया है.

राघव चड्ढा सहित ‘आप’ के तीन सांसद बीजेपी में शामिल हो गए. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्यसभा में मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है. हालांकि उच्च सदन में सत्तारूढ़ गठबंधन दो-तिहाई बहुमत से अब भी 18 सदस्य दूर है, जबकि भाजपा सदन में साधारण बहुमत से महज 10 सांसद पीछे है. राज्यसभा में राजग के पास अब 145 सांसदों का समर्थन है. कुल 244 सदस्यों वाले सदन में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 163 होता है.
यदि राजग राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेता है, तो उसके लिए संविधान संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना आसान हो जाएगा. लोकसभा में भी राजग के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, हालांकि उसे साधारण बहुमत प्राप्त है. लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए 363 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी. राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा आप संसदीय दल के भाजपा में विलय को मंजूरी दिए जाने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी के पास कुल 113 सांसद हो जाएंगे. फिलहाल भाजपा के पास 106 सांसद हैं.
सत्तारूढ़ दल को सात मनोनीत सदस्यों और दो निर्दलीय सांसदों का समर्थन मिलने की भी संभावना है, जिससे भाजपा के समर्थन में सांसदों की संख्या 122 तक पहुंच जाएगी, जो सदन के सदस्यों की संख्या का ठीक आधा है.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा में शामिल हुए सात आप सांसदों के विलय को मंजूरी मिलने की संभावना है, क्योंकि वे राज्यसभा में आप संसदीय दल के दो-तिहाई से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं. महिला आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 17 अप्रैल को लोकसभा में गिर गया था, क्योंकि राजग दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका था.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

