India
oi-Sohit Kumar
CBI
Arrests
Army
Officer:
देश
की
सुरक्षा
से
जुड़े
अहम
मंत्रालय
में
भ्रष्टाचार
का
एक
गंभीर
मामला
सामने
आया
है।
रक्षा
मंत्रालय
के
भीतर
कथित
तौर
पर
चल
रहे
रिश्वत
के
खेल
का
खुलासा
तब
हुआ,
जब
केंद्रीय
जांच
ब्यूरो
(CBI)
ने
एक
सीनियर
सैन्य
अधिकारी
को
रंगे
हाथों
गिरफ्तार
किया।
छापेमारी
में
करोड़ों
रुपये
की
नकदी
बरामद
होने
से
मामला
और
भी
सनसनीखेज
बन
गया
है।
CBI
ने
शनिवार
को
रक्षा
उत्पादन
विभाग,
रक्षा
मंत्रालय
में
डिप्टी
प्लानिंग
ऑफिसर
के
पद
पर
तैनात
लेफ्टिनेंट
कर्नल
दीपक
कुमार
शर्मा
को
गिरफ्तार
किया।
उनके
साथ
विनोद
कुमार
नाम
के
एक
निजी
व्यक्ति
को
भी
हिरासत
में
लिया
गया
है।
एजेंसी
के
अनुसार,
दोनों
आरोपी
रिश्वत
के
लेन-देन
में
अहम
भूमिका
निभा
रहे
थे
और
एक-दूसरे
के
संपर्क
में
रहकर
काम
कर
रहे
थे।

कब
दर्ज
हुआ
केस
और
कैसे
हुई
कार्रवाई?
इस
मामले
में
CBI
ने
19
दिसंबर
2025
को
एफआईआर
दर्ज
की
थी।
जांच
के
अगले
ही
दिन,
यानी
20
दिसंबर
2025
को
एजेंसी
ने
कार्रवाई
करते
हुए
दोनों
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया।
सूत्रों
का
कहना
है
कि
लंबे
समय
से
इनकी
गतिविधियों
पर
नजर
रखी
जा
रही
थी।
रिश्वत
और
अवैध
फेवर
के
गंभीर
आरोप
CBI
का
आरोप
है
कि
लेफ्टिनेंट
कर्नल
शर्मा
आदतन
भ्रष्ट
गतिविधियों
में
शामिल
थे।
वह
निजी
रक्षा
कंपनियों
से
मोटी
रकम
लेकर
सरकारी
विभागों
और
मंत्रालयों
से
उन्हें
अनुचित
लाभ,
क्लियरेंस
और
फैसले
दिलाने
में
मदद
करते
थे।
जांच
एजेंसी
के
मुताबिक,
यह
सब
सुनियोजित
आपराधिक
साजिश
के
तहत
किया
जा
रहा
था।
दुबई
की
कंपनी
और
बेंगलुरु
लिंक
जांच
में
यह
भी
सामने
आया
है
कि
आरोपी
अधिकारी
का
संपर्क
एक
दुबई
स्थित
रक्षा
कंपनी
से
था।
कंपनी
की
भारतीय
गतिविधियां
बेंगलुरु
से
संचालित
की
जा
रही
थीं,
जहां
से
राजीव
यादव
और
रवजीत
सिंह
नाम
के
दो
लोग
इस
पूरे
नेटवर्क
को
संभाल
रहे
थे।
CBI
के
अनुसार,
ये
दोनों
लगातार
लेफ्टिनेंट
कर्नल
शर्मा
के
संपर्क
में
थे
और
अवैध
तरीकों
से
कंपनी
के
पक्ष
में
फैसले
करवाने
की
कोशिश
कर
रहे
थे।
पत्नी
का
नाम
भी
जांच
के
घेरे
में
CBI
ने
इस
केस
में
लेफ्टिनेंट
कर्नल
शर्मा
की
पत्नी
कर्नल
काजल
बाली
का
भी
नाम
शामिल
किया
है।
वह
वर्तमान
में
राजस्थान
के
श्रीगंगानगर
में
16
इन्फैंट्री
डिवीजन
ऑर्डनेंस
यूनिट
की
कमांडिंग
ऑफिसर
के
तौर
पर
तैनात
हैं।
एजेंसी
अन्य
अज्ञात
लोगों
और
विदेशी
कंपनी
की
भूमिका
की
भी
जांच
कर
रही
है।
3
लाख
की
रिश्वत
और
करोड़ों
की
बरामदगी
CBI
के
अनुसार,
18
दिसंबर
2025
को
विनोद
कुमार
ने
कंपनी
की
ओर
से
तीन
लाख
रुपये
की
रिश्वत
लेफ्टिनेंट
कर्नल
शर्मा
तक
पहुंचाई
थी।
इसके
बाद
की
गई
छापेमारी
में
दिल्ली
स्थित
उनके
आवास
से
2.23
करोड़
रुपये
नकद
बरामद
हुए,
जबकि
श्रीगंगानगर
में
उनकी
पत्नी
के
आवास
से
10
लाख
रुपये
मिले।
कई
शहरों
में
छापेमारी,
जांच
जारी
इस
मामले
में
CBI
ने
दिल्ली,
श्रीगंगानगर,
बेंगलुरु
और
जम्मू
समेत
कई
ठिकानों
पर
तलाशी
ली।
नई
दिल्ली
में
आरोपी
के
दफ्तर
की
तलाशी
अब
भी
जारी
है।
दोनों
आरोपियों
को
शनिवार
को
अदालत
में
पेश
किया
गया,
जहां
से
उन्हें
23
दिसंबर
2025
तक
पुलिस
रिमांड
पर
भेज
दिया
गया
है।
CBI
का
कहना
है
कि
जांच
अभी
जारी
है
और
आगे
और
भी
अहम
खुलासे
हो
सकते
हैं।

