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विजय ने प्रधानमंत्री के समक्ष कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वायर परियोजना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह परियोजना कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण का निर्णय के अंतिम फैसले और जल बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है.
बताया जा रहा है कि विजय बिजी शेड्यूल की वजह से सोनिया और राहुल गांधी से नहीं मिल सके. (फाइल फोटो)
चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय गुरुवार को नई दिल्ली की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पूरी कर चेन्नई लौट आए. मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी राजधानी की पहली आधिकारिक यात्रा थी. दो दिवसीय दौरे के दौरान विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की. हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी से उनकी प्रस्तावित मुलाकात नहीं हो सकी, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गईं.
कांग्रेस सूत्रों ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के साथ बैठक रद्द नहीं हुई है, बल्कि उसे फिलहाल टाल दिया गया है. टीवीके के सूत्रों के अनुसार, विजय का दिल्ली दौरा मुख्य रूप से प्रशासनिक और विकास संबंधी मुद्दों पर केंद्रित था, न कि राजनीतिक परामर्श पर. सूत्रों के मुताबिक, विजय ने बुधवार रात राहुल गांधी से मिलने की इच्छा जताई थी और गुरुवार सुबह भी मुलाकात कराने के प्रयास किए गए, लेकिन मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम और चेन्नई लौटने की पूर्व निर्धारित योजना के कारण बैठक नहीं हो सकी.
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया कि विजय 11 जून के आसपास नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए फिर दिल्ली आ सकते हैं. उस दौरान उनकी राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात होने की संभावना है. दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से तमिलनाडु से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की. इनमें कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना, श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी और नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाझ्थु’ के प्रस्तुतीकरण को लेकर उठा विवाद शामिल था.
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, विजय ने प्रधानमंत्री के समक्ष कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वायर परियोजना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह परियोजना कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण का निर्णय के अंतिम फैसले और जल बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है.
मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा. इसमें तमिलनाडु में बंदरगाहों, राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे विस्तार और औद्योगिक गलियारों जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया गया है, जिन्हें राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

