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Rahul Gandhi News: राहुल गांधी के जर्मनी दौरे पर मनीषा कायंदे ने जांच कमेटी की मांग की. उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एक नेता प्रतिपक्ष के तौर पर संसद की चर्चाओं में हिस्सा लेना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन शायद उन्हें इसमें दिलचस्पी नहीं है.
राहुल गांधी के सदन से गायब रहने पर शिवसेना नेता ने सवाल उठाए. (फाइल फोटो)नागपुर. संसद के शीतकालीन सत्र के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अचानक जर्मनी जाने पर सियासत गरमा गई है. शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता मनीषा कायंदे ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि राहुल गांधी की गतिविधियों को ट्रैक किया जाना चाहिए और इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित की जानी चाहिए. नागपुर में मीडिया से बात करते हुए कायंदे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार विदेश जाते हैं और वहां जाकर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, जिससे देश की छवि खराब होती है.
सत्र के बीच गायब होने पर उठाए सवाल
मनीषा कायंदे ने राहुल गांधी की गंभीरता पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, “पिछले एक-डेढ़ साल से हम देख रहे हैं कि राहुल गांधी बार-बार विदेश जा रहे हैं. जब भी देश में कोई अहम गतिविधि होती है या संसद का सत्र चल रहा होता है, वे गायब हो जाते हैं.” उन्होंने कहा कि एक नेता प्रतिपक्ष के तौर पर संसद की चर्चाओं में हिस्सा लेना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन शायद उन्हें इसमें दिलचस्पी नहीं है. कायंदे ने पूछा कि आखिर सत्र के बीच में उन्हें विदेश जाने की जरूरत क्यों महसूस होती है?
सुरक्षा और जांच की मांग
शिवसेना नेता ने राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि वे अपनी सुरक्षा को साथ लिए बिना विदेश जाते हैं. अगर वहां उनके साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का मकसद और उनकी गतिविधियों को ट्रैक किया जाए. उनका आरोप है कि राहुल विदेश जाकर भारत की बदनामी करते हैं.
विशाल ददलानी और यूनेस्को पर प्रतिक्रिया
इसके अलावा, मनीषा कायंदे ने यूनेस्को द्वारा दीपावली को ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ सूची में शामिल करने का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है. वहीं, संगीतकार विशाल ददलानी के ‘वंदे मातरम’ चर्चा वाले तंज पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी. ददलानी ने कहा था कि 10 घंटे की बहस से बेरोजगारी और प्रदूषण की समस्या हल हो गई है. इस पर कायंदे ने कहा कि मुझे नहीं पता उनका मकसद क्या है, लेकिन सरकार समस्याओं पर एक्शन मोड में है, जैसे इंडिगो मामले में तुरंत कार्रवाई की गई.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

