क्या है पूरा मामला?
कृष्णा नगर के कौशिकपुरी में 19 मई 2024 की रात करीब 11:40 बजे सतेंद्र (25) की हत्या की गई थी। वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले थे और कौशिकपुरी में धागे की फैक्ट्री में काम करते थे। पुलिस ने सीतामढ़ी जिले के ब्रजेश और वेलकम निवासी मोहम्मद शमीम उर्फ फहीम को पकड़ा। पूछताछ में ब्रजेश ने बताया कि वह सतेंद्र की पत्नी को पसंद करता था। उसे पाने के लिए सतेंद्र को पहले शराब पिलाई और फिर फहीम के साथ गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
फहीम ने खुद को नाबालिग बताते हुए यूपी के प्रतापगढ़ के एक प्राइवेट स्कूल की टीसी पुलिस को दी। कृष्णा नगर के हेड कॉन्स्टेबल सुमित को वहां भेजा गया। स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि उनकी तरफ से यह टीसी जारी नहीं की गई है। फहीम नाम का छात्र कभी उनके स्कूल में नहीं पढ़ा है। प्रिंसिपल ने अपने स्कूल की टीसी का एक सैंपल सौंपा। इस टीसी और आरोपी की दी टीसी में किए गए साइन अलग-अलग थे। पुलिस ने फहीम की मां से पूछताछ की, जिसने बताया कि उसकी बहन शबनम ने टीसी दी थी। शबनम ने बताया कि प्रतापगढ़ के अंकल कल्लू से यह टीसी मिली थी।
पुलिस को जांच में मिला बर्थ सर्टिफिकेट
कृष्णा नगर के एसएचओ मुकेश राणा ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान फहीम का बर्थ सर्टिफिकेट हासिल किया गया, जिसमें उसका जन्म तिथि 8 अप्रैल 2004 है। इससे वारदात के समय उसकी उम्र 20 साल साबित होती है। पुलिस ने वेलकम के जनता मजदूर कॉलोनी स्थित ईस्ट एमसीडी के प्राइमरी स्कूल के एडमिशन रजिस्टर का रिकॉर्ड भी पेश किया। कोर्ट ने माना कि आरोपी फहीम ने नाबालिग का बेनिफिट उठाने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया है। इसलिए फर्श बाजार थाना पुलिस को केस दर्ज करने के निर्देश दिए।
हो सकती है 7 साल तक की सज़ा
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336 (2) यानी जानबूझकर जाली दस्तावेज पेश करना, 340 (2) यानी नकली को असली के तौर पर देना और धारा 337 यानी सार्वजनिक रजिस्टर में छेड़छाड़ कर फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाने के तहत केस दर्ज किया है। आरोप साबित होने पर धारा 337 और 340 (2) के तहत अधिकतम 7 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है, जबकि 336 (2) में दो साल की कैद है। पुलिस ने फिलहाल इस केस में दोनों आरोपियों को नामजद किया है।

