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Revanth Reddy attacks Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद एक तरफ जहां विपक्षी एकता को एक बार फिर से कायम करने को लेकर इंडिया गठबंधन की बैठक हुई है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ममता बनजी को लेकर आक्रामक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के मजबूत होने की वजह तृणमूल सरकार की कार्यशैली और संगठनात्मक कमजोरियां हैं. रेवंत ने दावा किया कि तेलंगाना में बीजेपी के लिए बंगाल जैसी स्थिति नहीं बनेगी. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और टीएमसी के बीच रिश्तों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं.
एक तरफ सोनिया गांधी और राहुल गांधी इंडिया अलायंस को दोबारा खड़ा करने के प्रयास में जुटे हैं, दूसरी तरफ कांग्रेस के सीएम रेवंत रेड्डी ने विपक्ष की बड़ी नेता ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है.
हैदराबाद/कोलकाता: एक तरफ पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी के हाथों तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ममता बनर्जी को फोन कॉल करके ढांढस बंधाया था. वहीं अब कांग्रेस के ही मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार आने के पीछे ममता बनर्जी और उनके सरकार चलाने के तौर तरीके को जिम्मेदार ठहराया है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर दिए गए बयान से नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है.
विपक्षी एकता के बीच रेवंत रेड्डी के बयान से हलचल
रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के मजबूत होने की वजह तृणमूल कांग्रेस सरकार की कार्यशैली और संगठनात्मक कमजोरियां रही हैं. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक तालमेल और गठबंधन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है.
एक कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की परिस्थितियों की तुलना तेलंगाना से नहीं की जा सकती. उनका कहना था कि जिस तरह बीजेपी ने बंगाल में धीरे-धीरे अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत की, वैसी स्थिति तेलंगाना में नहीं बनने दी जाएगी. उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी सरकार के रहते बीजेपी के लिए राज्य में सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा.
ममता-सोनिया के बीच रेवंत के बयान ने सबका ध्यान खींचा
रेवंत रेड्डी की इस टिप्पणी ने इसलिए भी राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा क्योंकि हाल के दिनों में कांग्रेस नेतृत्व और तृणमूल कांग्रेस के बीच रिश्तों में नरमी के संकेत दिखाई दिए थे. ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात को विपक्षी एकजुटता के संकेत के रूप में देखा गया था, लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री के बयान ने कांग्रेस और टीएमसी के संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
हाल ही में लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की दिल्ली में हुई बैठक में ममता बनर्जी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के बीच गर्मजोशी दिखी थी. इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी. वहीं टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी राहुल गांधी से राजनीतिक मसलों और पश्चिम बंगाल में आगे की राजनीति को लेकर लंबी चर्चा हुई थी.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रेवंत रेड्डी की टिप्पणी कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग दिखाई देती है. वहीं, विपक्षी दल इस बयान को अपने-अपने राजनीतिक तर्कों के समर्थन में इस्तेमाल कर रहे हैं. आने वाले चुनावों से पहले इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें

