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Purnia Makhana Farming: पूर्णिया के किसानों को फसलों का बेहतर दाम दिलाने के लिए WDRA टीम ने किसानों और स्टॉक होल्डरों के साथ बैठक की. किसान अपनी फसल गोदामों में सुरक्षित रख सकेंगे, e-NWR के जरिए बैंक से लोन ले सकेंगे और सही कीमत मिलने पर फसल बेच सकेंगे.
पूर्णिया: पूर्णिया के मखाना किसानों को अब अपनी फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा. किसानों को फसल तैयार होते ही औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं होगी. अब वे बढ़ती बाजार मांग और कीमतों को देखते हुए अपनी उपज को कुछ समय तक सुरक्षित स्टॉक कर उचित कीमत पर बेच सकेंगे. इसके लिए वेयरहाउसिंग व्यवस्था के जरिए किसानों और स्टॉक होल्डरों को बैंकों से जोड़ने की पहल की जा रही है. WDRA यानी वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी की टीम ने पूर्णिया में किसानों और स्टॉक होल्डरों को इस व्यवस्था की जानकारी दी. टीम की ओर से किसानों से अपील की गई कि वे जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक पंजीकरण कराएं और इस सुविधा का लाभ उठाएं.
बिचौलियों की निर्भरता होगी कम
WDRA की ओर से आए कंसल्टेंट अविनाश पांडे ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बिचौलियों पर निर्भरता से बचाना है. किसान अपनी फसल को मान्यता प्राप्त वेयरहाउस में सुरक्षित रख सकेंगे और बाजार में बेहतर कीमत मिलने पर उसे बेच सकेंगे. उन्होंने बताया कि जिले के मखाना किसानों के साथ उन स्टॉक होल्डरों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा. जिनके पास गोदाम की सुविधा उपलब्ध है. किसान अपनी उपज को इन गोदामों में सुरक्षित रख सकेंगे. अविनाश पांडे ने किसानों और गोदाम संचालकों से अपील की कि वे जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर अपने गोदाम और स्टॉक का पंजीकरण करवाएं. इससे स्थानीय किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उन्हें बेहतर बाजार मूल्य हासिल करने में मदद मिल सकेगी.
फसल के बदले बैंक से मिल सकेगा लोन
उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त वेयरहाउस में फसल जमा करने के बाद किसानों को उसके बदले इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रिसिप्ट (e-NWR) उपलब्ध कराई जा सकती है. इस e-NWR के आधार पर किसान, FPO, मिलर और व्यापारी अपने जमा किए गए मखाना स्टॉक के एवज में बैंक से ऋण प्राप्त कर सकते हैं. इस व्यवस्था के तहत किसान को फसल बेचने की तुरंत जरूरत नहीं होगी. वह अपनी उपज को वेयरहाउस में सुरक्षित रखकर बैंक से वित्तीय सहायता ले सकता है और बाजार में कीमत बेहतर होने का इंतजार कर सकता है.
कैसे काम करेगा e-NWR सिस्टम?
WDRA से संबद्ध पंजीकृत वेयरहाउस को यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाता है. जिसके माध्यम से वे e-NWR (Electronic Negotiable Warehouse Receipt) जनरेट कर सकते हैं. वेयरहाउस में जमा कृषि उपज के आधार पर जारी e-NWR का इस्तेमाल बैंक से ऋण लेने के लिए किया जा सकता है. इससे किसान को फसल बेचने के लिए तत्काल खरीदार या बिचौलिये पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. बाजार में कीमत बढ़ने पर किसान अपनी उपज को बेहतर दाम पर बेच सकता है और अपनी आय बढ़ा सकता है.
मखाना किसानों को होगा फायदा
पूर्णिया मखाना उत्पादन के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है. ऐसे में वेयरहाउस और e-NWR की सुविधा किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है. फसल के भंडारण और उसके एवज में ऋण की सुविधा मिलने से किसानों को तत्काल पैसों की जरूरत में अपनी उपज कम कीमत पर बेचने की मजबूरी कम होगी.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
