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मऊ जिले की छात्रा अनम कायनात ने यूपी बोर्ड हाई स्कूल परीक्षा में 96.67% अंक हासिल कर प्रदेश में सातवां स्थान और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. कड़ी मेहनत, रोज 6 से 7 घंटे की पढ़ाई और परिवार व शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने यह सफलता पाई. खास बात यह रही कि जिस सोशल साइंस विषय से उन्हें डर था, उसी में 99% अंक लाकर उन्होंने सभी को चौंका दिया. अब उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना है.
मऊ: यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. मऊ जिले की अनम कायनात ने मदरसा नहीं, बल्कि यूपी बोर्ड के पंडित दीनदयाल समाज कल्याण इंटर कॉलेज से हाई स्कूल परीक्षा में 580 अंक लाकर 96.67% के साथ प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया है. जिले में उनका दूसरा स्थान है. आइए जानते हैं अनम कायनात के संघर्ष की कहानी और इस कामयाबी का श्रेय वह किसे देती हैं.
हाई स्कूल में यूपी में सातवां स्थान लाई अनम कायनात
लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि मऊ जनपद के कोपागंज स्थित पंडित दीनदयाल समाज कल्याण इंटर कॉलेज की छात्रा अनम कायनात ने पूरे प्रदेश में हाई स्कूल परीक्षा में 580 अंक (96.67%) लाकर सातवां रैंक हासिल किया और मऊ जनपद में दूसरा स्थान प्राप्त किया. उन्होंने बताया कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि वह प्रदेश में सातवां रैंक और जिले में दूसरा स्थान हासिल कर पाईं, क्योंकि उन्हें इतनी बेहतर सफलता की उम्मीद नहीं थी. वह स्कूल के साथ-साथ घर पर भी रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थीं. उनका सपना है कि आगे चलकर डॉक्टर बनें, क्योंकि उन्हें समाज सेवा करना अच्छा लगता है.
जो विषय रहा कठिन, उसमें आया 99% अंक
अनम कायनात ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया. उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता और शिक्षकों ने उनका हर कदम पर साथ दिया और जहां जरूरत पड़ी, मदद की. परीक्षा के दौरान उन्हें सोशल साइंस विषय से डर लग रहा था, क्योंकि वह इस विषय में खुद को कमजोर मानती थीं. लेकिन उन्होंने कड़ी मेहनत की और उसी विषय में 99% अंक हासिल कर सभी को चौंका दिया. उनका लक्ष्य आगे चलकर डॉक्टर बनना है.
डॉक्टर बनना चाहती हैं अनम कायनात
अनम कायनात के पिता अलीमोजुद्दीन ने बताया कि उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है कि उनकी बेटी ने यूपी बोर्ड हाई स्कूल में प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही है और परिवार ने हमेशा उसे पूरा सहयोग दिया. घर के काम से दूर रखकर उसे केवल पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया. रात में भी वह पढ़ाई करती रहती थीं. जब भी उनकी नींद खुलती, वह उसे पढ़ते हुए ही देखते थे, जिससे उन्हें विश्वास था कि उनकी बेटी एक दिन जरूर नाम रोशन करेगी. उन्होंने बताया कि हाई स्कूल की परीक्षा देने के बाद ही अनम ने 11वीं का आधा सिलेबस भी पूरा कर लिया है. उनका सपना है कि वह डॉक्टर बने, और परिवार उसका पूरा साथ देगा.
पहली बार विद्यालय यूपी की टॉप सूची में आया
विद्यालय के प्रिंसिपल शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनके कॉलेज की कोई छात्रा प्रदेश स्तर पर स्थान हासिल करेगी. यह पहली बार है जब अनम कायनात ने प्रदेश में सातवां स्थान और मऊ जनपद में दूसरा स्थान लाकर पूरे विद्यालय, जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है. उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवार हमेशा छात्रा का पूरा समर्थन करेगा और उसे हर संभव सहायता प्रदान करेगा. आज उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है, क्योंकि उनके विद्यालय ने पहली बार प्रदेश की टॉप सूची में स्थान हासिल किया है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

