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Ballia News: विख्यात शिव महापुराण कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा पहली बार बलिया आ रहे है. विशाल प्रवचन का आयोजन जनपद बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत दीउली ग्राम सभा में किया जा रहा है, जो बांसडीह रोड थाना से कुछ दूरी पर स्थित है और मेन रोड से ही दिखाई देता है. यहां पहुंचने के लिए बलिया रेलवे स्टेशन से बांसडीह रोड या बसडीह रोड रेलवे स्टेशन तक आकर वहां से आसानी से कथा स्थल तक पहुंचा जा सकता है.
बलिया: जिले में भव्य शिव महापुराण कथा व यज्ञ का आयोजन होने जा रहा है. जितनी यह कथा ऐतिहासिक मानी जा रही है. उतना ही यह धार्मिक स्थल भी ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व रखता है. इस विशाल आयोजन की जानकारी के साथ-साथ हम आपको इस प्राचीन मंदिर की झलक और इसके इतिहास से भी रूबरू कराएंगे. राजा सूरत से जुड़े बाबा बालखंडी नाथ धाम को लाखों श्रद्धालुओं का आस्था केंद्र माना जाता है. यहां विख्यात शिव महापुराण कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा पहली बार आ रहे है. अनुमान है कि अन्य राज्यों से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकते है.
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के भाई धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार यहां देश-दुनिया में प्रख्यात शिवमहापुराण कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का पहली बार आगमन हो रहा है और 9 जून से 15 जून 2026 तक भव्य शिव कथा का आयोजन होगा. बलिया के ऐतिहासिक और पौराणिक बाबा बालखंडी नाथ महादेव मंदिर में हर चौथे वर्ष पुरुषोत्तम मास में पिछले 50 वर्षों से यज्ञ होता आ रहा है.
पिछली बार प्रेम भूषण जी महाराज की कथा आयोजित हुई थी. इस बार लोगों ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मिलकर अपनी इच्छा जताई, जिसके बाद दयाशंकर सिंह ने देश-दुनिया में ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप जी से बात की. शुरुआत में उन्होंने इतने कम समय में कथा का आयोजन असंभव बताया. लेकिन लगातार अनुरोध के बाद उन्होंने 9 जून 2026 की तारीख निश्चित की.
बलिया के एडीएम एफआर अनिल कुमार ने बताया कि जब पं. प्रदीप जी का कार्यक्रम मेरठ में हुआ था. तब वह वहां सिटी मजिस्ट्रेट थे. उनका मानना है कि अपेक्षा से कहीं अधिक भीड़ जुट सकती है. बलिया के एसपी ने भी उनकी कथा कानपुर में देखी है. सभी अधिकारी और संबंधित लोग कथा के सफल आयोजन के लिए लगातार प्रयासरत है.
महाराज जी की टीम पहुंच चुकी है और लगभग 3 लाख स्क्वायर फीट में टेंट लगाया गया है. यहां पर व्यवस्थित रूप से चिकित्सा शिविर सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है. हजारों पानी की टंकियां और पंखे लगाए गए है. कथा स्थल से कुछ दूरी पर शौचालय की भी पर्याप्त व्यवस्था है.
बाबा बालखंडी नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष बुजुर्ग जयराम सिंह ने बताया कि यह मंदिर हजारों वर्ष प्राचीन है. जिसका पुनर्निर्माण राजा सूरत द्वारा कराया गया था. प्राचीन काल में बाबा की स्थापना एक बरगद के पेड़ की जड़ में हुई थी. समय के साथ जड़ को हटाकर मंदिर का स्वरूप दिया गया. लेकिन वह पेड़ आज भी मौजूद है.
यह स्थान एक सिद्धपीठ माना जाता है. कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी होती है और जिसकी मनोकामना पूर्ण होती है, वह यहां घंटी बांधता है. बताया जाता है कि इस स्थान का उल्लेख दुर्गा सप्तशती में भी मिलता है.
मंदिर के पुजारी बुजुर्ग बैजनाथ भारती गोस्वामी ने बताया कि वह यहां दसवीं पीढ़ी के पुजारी है. कभी यह पूरा इलाका घने जंगल और झाड़ियों से घिरा हुआ था. जिसका विकास रघुवंशी राजा सूरत ने कराया. यह विशाल प्रवचन का आयोजन जनपद बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत दीउली ग्राम सभा में किया जा रहा है, जो बांसडीह रोड थाना से कुछ दूरी पर स्थित है और मेन रोड से ही दिखाई देता है. यहां पहुंचने के लिए बलिया रेलवे स्टेशन से बांसडीह रोड या बसडीह रोड रेलवे स्टेशन तक आकर वहां से आसानी से कथा स्थल तक पहुंचा जा सकता है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें

