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Faridabad Illegal Colony Demolition: फरीदाबाद के साहुपुरा स्थित कार्तिक एन्क्लेव में प्रशासन की तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सपने मलबे में तब्दील हो गए. 50 साल से क्षेत्र में रह रही मीना का दावा है कि घर बनाने में जीवनभर की कमाई और लाखों रुपये खर्च हुए. अब उजड़े आशियाने के बीच परिवार प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं.
फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद के साहुपुरा गांव के कार्तिक एन्क्लेव में टूटी दीवारों, बिखरे मलबे और उजड़े आशियानों के बीच खड़ी मीना की आंखों में सिर्फ धूल ही नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और सपनों के टूटने का दर्द भी साफ दिखाई दे रहा है. जिस घर को बनाने में परिवार ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी, जिस घर की एक-एक ईंट जोड़ने में वर्षों का संघर्ष लगा आज उसी घर का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो चुका है. कभी जिस मकान की छत के नीचे परिवार भविष्य के सपने देखता था वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है.
कार्तिक एन्क्लेव में प्रशासन की तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं और अपने उजड़े आशियाने को देखकर भावुक हो रहे हैं.
Local18 से बातचीत में स्थानीय निवासी मीना बताती हैं कि मैं यहां करीब 50 साल से रह रही हूं. यह बहुत पुरानी कॉलोनी है. पहले दूसरी कॉलोनी में नोटिस दिया गया था, जिसके बाद हमने यहां मकान बना लिया. जिससे प्लॉट खरीदा था, उसने भरोसा दिलाया था कि यहां कोई परेशानी नहीं होगी. इसी भरोसे पर 10 साल पहले यह प्लॉट खरीदा था. मीना बताती हैं कि मेरा मकान करीब 150 गज में बना हुआ था. प्लॉट खरीदने में करीब 30 लाख रुपये खर्च हुए थे जबकि मकान निर्माण में लगभग 40 लाख रुपये लगे. ब्याज और अन्य खर्च जोड़ दिए जाएं तो काफी ज्यादा बैठेंगे.
कार्तिक एन्क्लेव में प्रवेश करते ही मुख्य सड़क की तरफ एक बड़ा द्वार बना हुआ था, जिस पर शनि मंदिर लिखा हुआ था. प्रशासन की कार्रवाई के दौरान इस द्वार को भी ध्वस्त कर दिया गया. इसके अलावा कॉलोनी के अंदर बने कई मकानों, बाउंड्री वॉल और अन्य निर्माणों पर भी बुलडोजर चला. कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में मलबा बिखरा नजर आया और लोग अपने टूटे घरों को देखकर मायूस दिखाई दिए.
मीना बताती हैं कि हमने मेहनत की कमाई से जमीन खरीदी थी और मेहनत की कमाई से ही मकान बनाया था. भाई ने बाहर से पैसा लेकर घर तैयार किया था. उस पैसे का ब्याज भी लगातार जा रहा है. अब तो ऐसा लग रहा है जैसे हमारे बच्चों को सड़क पर ला दिया गया हो. परिवार में कोई बड़ा कारोबार नहीं है. प्राइवेट नौकरी करके घर चलता है. मेरे दो भाई हैं और सभी ने मिलकर यह घर बनाया था. सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर दिखाई दे रही हैं कि कार्रवाई से पहले कोई स्पष्ट नोटिस नहीं मिला.
मीना बताती हैं कि अगर हमें पहले से पता होता कि मकान तोड़ा जाएगा तो कम से कम अपना सामान तो निकाल लेते. अचानक मशीनें आईं और तोड़फोड़ करके चली गईं. वहीं दूसरी तरफ जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई एक अवैध कॉलोनी के खिलाफ की गई है. विभाग के अनुसार राजस्व संपदा क्षेत्र में करीब 1.2 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया गया. कार्रवाई के दौरान 6 निर्माणाधीन ढांचे, 3 चहारदीवारी और 20 डीपीसी को जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया. विभाग का दावा है कि संबंधित लोगों को पहले नोटिस जारी किए गए थे. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था और पूरी कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुई.
फिलहाल कार्तिक एन्क्लेव में मलबे के बीच खड़े परिवार अपने टूटे घरों को देखकर यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उनकी वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई का हिसाब कौन देगा.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें

