8 महीनों से चल रहा था अवैध धंधा
जानकारी के अनुसार, इस अवैध फैक्ट्री का संचालन तितरड़ी निवासी लोकेश जैन कर रहा था। वह पिछले आठ महीनों से नकली घी को असली बताकर बाजार में सप्लाई कर रहा था। डीएसटी और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर न केवल नकली घी को जब्त किया बल्कि वहां मौजूद कच्चा माल, पैकेजिंग मशीन और अन्य उपकरणों को भी सीज कर लिया।
सेहत के लिए बड़ा खतरा
एसपी योगेश गोयल ने बताया कि इस घी का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। अमानक घी खाने से फूड पॉइजनिंग, लिवर संबंधी रोग और पेट की अन्य बीमारियां हो सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फैक्ट्री से सैंपल लेकर लैब टेस्ट के लिए भेज दिए हैं, ताकि इसकी गुणवत्ता की जांच की जा सके।
पुलिस कर रही गहन जांच
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नकली घी की सप्लाई किन-किन जगहों पर की जा रही थी और इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है। आशंका जताई जा रही है कि इस अवैध कारोबार के तार अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस प्रशासन ने की जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध खाद्य उत्पाद की जानकारी तुरंत पुलिस या खाद्य विभाग को दें। इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जनता की सतर्कता बेहद जरूरी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि इस तरह के घोटालों को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

